эй ки дорад ҳасани сангини дили гарони гӯши туро
ای که دارد حسن سنگین دل گران گوش ترا
Нола кӣ дар хотирати оради фаромӯши туро
ناله کی در خاطرت آرد فراموش ترا
Гирмт чун танг дар бар сари макаш аз ман ки нест
گیرمت چون تنگ در بر سر مکش از من که نیست
Ҷомае часбонтар аз оғӯшами оғӯши туро
جامهای چسبانتر از آغوشم آغوش ترا
Хӯрдани хӯнам чаҳ ғамгар гул кунад зонрх ки ҳаст
خوردن خونم چه غم گر گل کند زانرخ که هست
Зини шафақи файз дигар субҳи биногваши туро
زین شفق فیض دگر صبح بناگوش ترا
Бо хаёлати тобкии хобам чаҳ хоҳад шуд шабӣ
با خیالت تابکی خوابم چه خواهد شد شبی
Чун қабои дарбари кашами сарви қбопўши туро
چون قبا دربر کشم سرو قباپوش ترا
Аз лабат мехост ком аз ҳасратами талх онкӣ дод
از لبت میخواست کام از حسرتم تلخ آنکه داد
Ин қадари ҷӯши ҳаловати чашмаи нӯши туро
این قدر جوش حلاوت چشمه نوش ترا
Барқ агар дар хирман ҷонҳо занад набӯд аҷаб
برق اگر در خرمن جانها زند نبود عجب
Ҷилвае каз гӯшвор дар бади гӯши туро
جلوهای کز گوشوار در بد گوش ترا
Гӯшаи чашмии нигоҳии шарми ҳасан ар монеъ аст
گوشه چشمی نگاهی شرم حسن ار مانع است
Аз сухан чун ғунча бо мо лаъли хомӯши туро
از سخن چون غنچه با ما لعل خاموش ترا
Мезанӣ муштоқи пурлофи хиради кӯи ҷилва Эй
میزنی مشتاق پرلاف خرد کو جلوهای
То баради якбораи ақлу тоқату ҳуши туро
تا برد یکباره عقل و طاقت و هوش ترا