Бар синаи худ ёр наад синаи мо ро
بر سینه خود یار نهد سینه ما را
То тоза кунад ҳасрати деринаи мо ро
تا تازه کند حسرت دیرینه ما را
Дар кисват фақрем тан осӯда сазад фахр
در کسوت فقریم تن آسوده سزد فخر
Бар ҷомаи зари хирқаи пашминаи мо ро
بر جامه زر خرقه پشمینه ما را
Зон сина ки бошад тиҳӣ аз кӣнаи ағёр
زان سینه که باشد تهی از کینه اغیار
Зулмаст ки берун накунӣ кӣнаи мо ро
ظلم است که بیرون نکنی کینه ما را
Хӯн дар дил мо нест ки ин чашми гуҳарбор
خون در دل ما نیست که این چشم گهربار
Пардохта аз баҳри ту ганҷинаи мо ро
پرداخته از بهر تو گنجینه ما را
Дар мактаби ишқат ки аз ӯ кас нашуд озод
در مکتب عشقت که از او کس نشد آزاد
Гӯ субҳ набошад шаби одинаи мо ро
گو صبح نباشد شب آدینه ما را
Зин беш машав ҳам нафаси ғайру зи ғайрат
زین بیش مشو هم نفس غیر و ز غیرت
Ҳар лаҳза макун нави ғами деринаи мо ро
هر لحظه مکن نو غم دیرینه ما را
Муштоқи сршгти набард аз дили мо занг
مشتاق سرشگت نبرد از دل ما زنگ
БиФоидаҳ сайқал мазан ойинаи мо ро
بیفایده صیقل مزن آئینه ما را