зи васл ӯ ки ман пайваста май пиндоштами рӯзӣ
ز وصل او که من پیوسته میپنداشتم روزی
Дилӣ доранд ёрони хуш ки ман ҳам доштами рӯзӣ
دلی دارند یاران خوش که من هم داشتم روزی
Самарҳо хӯрдаам зини донаи афшонӣ кунун ашкам
ثمرها خوردهام زین دانهافشانی کنون اشکم
На он тухмаст пиндорӣ ки ман мекоштам рӯзӣ
نه آن تخم است پنداری که من میکاشتم روزی
з оҳам рафт асари афғон ки дар корам шикаст омад
ز آهم رفت اثر افغان که در کارم شکست آمد
Аз ин роят ки баҳри фатҳ май афроштами рӯзӣ
از این رایت که بهر فتح میافراشتم روزی
Кунун ҳосил надорад тухми ашкам варна зини дона
کنون حاصل ندارد تخم اشکم ورنه زین دانه
Ба рӯй ҳам чаҳ хирманҳо ки май анбоштами рӯзӣ
به روی هم چه خرمنها که میانباشتم روزی
Кунам ҳрдми баёни шавқ ва гарем ин мкоФотш
کنم هردم بیان شوق و گریم این مکافاتش
Ки ҳарфи ишқро афсона май пиндоштами рӯзӣ
که حرف عشق را افسانه میپنداشتم روزی
Нанолам чун зи ҷаврат оҳ рафт он тоқатам каз ту
ننالم چون ز جورت آه رفت آن طاقتم کز تو
Ҷафо медидам ва нодида меингоштам рӯзӣ
جفا میدیدم و نادیده میانگاشتم روزی
Мҷу бе талъати он мҳрўши муштоқи тоб аз ман
مجو بیطلعت آن مهروَش مشتاق تاب از من
Надорам тоқат акнӯн зарраегар доштами рӯзӣ
ندارم طاقت اکنون ذرهای گر داشتم روزی