Субҳ шуд соқӣ башу зи ойӣнаи рӯи занги хоб
صبح شد ساقی بشو ز آیینهٔ رو زنگ خواب
Ҷоми зарринро ба давр андоз ҳамчун офтоб
جام زرین را به دور انداز همچون آفتاب
Ташна файзӣ манеҳ ҷом май аз каф то ба ҳам
تشنهٔ فیضی منه جام می از کف تا به هم
Улфати шер ва шукр доранд субҳу моҳтоб
الفت شیر و شکر دارند صبح و ماهتاب
Зоҳиду саҷҷодаи тақвои илои явми алншўр
زاهد و سجاده تقوی الی یوم النشور
Дасти моу домани соқии илои явми алҳсоб
دست ما و دامن ساقی الی یومالحساب
Чеҳра манимо ё макун манъи ман аз дидан ки ҳаст
چهره منما یا مکن منع من از دیدن که هست
Ташнаи комиро намӯдани об ва кардани манъи об
تشنهکامی را نمودن آب و کردن منع آب
Сақфи гардуни пасту олам кам фазои ман тнгдл
سقف گردون پست و عالم کم فضا من تنگدل
То ба кӣ бошам худоё дар пас ин на ҳиҷоб
تا به کی باشم خدایا در پس این نه حجاب
Ҷазбаи шавқӣ ки аз на ҷавшани гардуни дамӣ
جذبه شوقی که از نه جوشن گردون دمی
Бигузарам паронтар аз тири дуои мустаҷоб
بگذرم پرّانتر از تیر دعای مستجاب
ё ба фаррош қазо фармо ки болотар занад
یا به فراش قضا فرما که بالاتر زند
Домани ин лоҷувардии хаймаи заррини таноб
دامن این لاجوردی خیمه زرین طناب
ё ба меъмор қадар баргӯ ки гирданд васеъ
یا به معمار قدر برگو که گرداند وسیع
Кӯчаи ин олам кам вусъати пурпечу тоб
کوچه این عالم کم وسعت پرپیچ و تاب
ё бифармо ишқи болодасти маҳмили баста ро
یا بفرما عشق بالادست محمل بسته را
Кини қадар оташ найафурӯзад ба дилҳои кабоб
کین قدر آتش نیفروزد به دلهای کباب
Хӯрдаи хӯни дили Фкорони он ду лаъли ним ранг
خورده خون دلفکاران آن دو لعل نیمرنگ
Бардаи хоб бе қаророни он ду чашми ним хоб
برده خواب بیقراران آن دو چشم نیمخواب
Рехт то аз калаки муштоқи ин ғазал мутриб навохт
ریخت تا از کلک مشتاق این غزل مطرب نواخت
Бо навой арғунун дар базми оҳанги рубоб
با نوای ارغنون در بزم آهنگ رباب