Ба дил чигуна тавон доғи ишқ пинҳон дошт

به دل چگونه توان داغ عشق پنهان داشت

Ба пунбаи оташи сӯзон наҳуфта натавон дошт

به پنبه آتش‌سوزان نهفته نتوان داشت

Нашуд насибам аз он бӯса чаҳ ҳоласт ин

نشد نصیبم از آن بوسه چه حالست این

Ки ташнаи мардуму лаъли ту об ҳайвон дошт

که تشنه مردم و لعل تو آب حیوان داشت

Ба хӯни ошиқ аз изҳори ишқи ташнаи шӯй

به خون عاشق از اظهار عشق تشنه شوی

Фиғон ки дарди туро бояд аз ту пинҳон дошт

فغان که درد ترا باید از تو پنهان داشت

Нигин салтанатаст аз ду кун кандан дил

نگین سلطنتست از دو کون کندن دل

Гумон макун ки чунин хотамӣ сулаймон дошт

گمان مکن که چنین خاتمی سلیمان داشت

Биё ки дар тани мо бе рухи ту шикваи ҷон

بیا که در تن ما بی‌رخ تو شکوه جان

Шикоятаст ки Юсуфи зи ранҷ зиндон дошт

شکایتست که یوسف ز رنج زندان داشت

Хуши он марӣз ки дар бистари ризо ҷон дод

خوش آن مریض که در بستر رضا جان داد

На интизори табиб ва на фикр дармон дошт

نه انتظار طبیب و نه فکر درمان داشت

Равад зиёд ба соҳили расидаро ҳоле

رود زیاد به ساحل رسیده را حالی

Ки аз тлотми дарёи буруз тӯфон дошт

که از طلاطم دریا بروز طوفان داشت

Кунун на дидаи ман дар тилисми ҳайрат аз ӯст

کنون نه دیده من در طلسم حیرت از اوست

Маро чу оинаи рӯят ҳамеша ҳайрон дошт

مرا چو آینه رویت همیشه حیران داشت

Дамид субҳи шаби умру дам назд субҳам

دمید صبح شب عمر و دم نزد صبحم

Хуши он замон ки шаби интизор поён дошт

خوش آن زمان که شب انتظار پایان داشت

Фиканд нолаи муштоқ дар ҷаҳони оташ

فکند ناله مشتاق در جهان آتش

зи доғҳо ки ба ҷон аз фироқ ҷонон дошт

ز داغ‌ها که به جان از فراق جانان داشت