Ба ин умед додам ҷон , ки рӯзӣ балки ёр ояд
به این امید دادم جان، که روزی بلکه یار آید
Ки ҷони баҳри нисори роҳаши он рӯзам ба кор ояд
که جان بهر نثار راهش آن روزم به کار آید
Макун аз гиря ӣ шому саҳари манъи ман эй ҳамдам
مکن از گریه ی شام و سحر منع من ای همدم
Ки ашк аз чашми ман дар ҳиҷр ӯ беихтиёр ояд
که اشک از چشم من در هجر او بی اختیار آید
Шароби арғавонии нӯши вонгаҳ ҳарчӣ хоҳӣ кун
شراب ارغوانی نوش وانگه هرچه خواهی کن
Ки кори масти лоиъқли куҷо аз ҳӯшёр ояд
که کار مست لایعقل کجا از هوشیار آید
Хазони умрро набӯд баҳорӣ дар қафои афсӯс
خزان عمر را نبود بهاری در قفا افسوس
Вагарна ҳар хазонеро зи паии фасл баҳор ояд
وگرنه هر خزانی را ز پی فصل بهار آید
Шавам фориғи зи савдои биҳишт , андеша ӣ дӯзах
شوم فارغ ز سودای بهشت، اندیشه ی دوزخ
Пас аз мурдани гарми он шамъи як шаб бар мазор ояд
پس از مردن گرم آن شمع یک شب بر مزار آید
Канори худ зи хӯни дили гулистон ончунон кардам
کنار خود ز خون دل گلستان آنچنان کردم
Ки шояд рӯзии он сарви равонам дар канор ояд
که شاید روزی آن سرو روانم در کنار آید
Манам он булбул бе худ зи ёди гул ки аз гулшан
منم آن بلبل بی خود ز یاد گل که از گلشن
Надонам кӣ равад фасли хазон ва кӣ баҳор ояд
ندانم کی رود فصل خزان و کی بهار آید
Сари кӯе ки бошад дар гадои подшоҳи онҷо
سر کویی که باشد در گدایی پادشاه آنجا
Куҷои бечорае мисли сафойӣ дар шумор ояд
کجا بیچارهای مثل صفایی در شمار آید