Гиря кард аз баси Шуайби тоҷдор

گریه کرد از بس شعیب تاجدار

Рӯзҳои равшан ва шабҳои тор

روزهای روشن و شبهای تار

Ҳар ду чашмаши кӯр ва нобӣно нишаст

هر دو چشمش کور و نابینا نشست

Боз додаш чашми султони аласт

باز دادش چشم سلطان الست

Онкӣ ӯро дида аз оғоз дод

آنکه او را دیده از آغاز داد

Кӯр чун шуд бози чашмаш боз дод

کور چون شد باز چشمش باز داد

Дод чашмаши ҳин ба ибрат кун назар

داد چشمش هین به عبرت کن نظر

Боз бояд дида ӣ ибрати нигар

باز باید دیدهٔ عبرت نگر

Бозгоҳ ва бегуҳу шому саҳар

باز گاه و بی گه و شام و سحر

ӣнқадар бигирист ва афтод аз назар

اینقدر بگریست کافتاد از نظر

Кӯр шуд бози он ду чашми поки байн

کور شد باز آن دو چشم پاک بین

Боз додаш чашми он чашми офарин

باز دادش چشم آن چشم آفرین

Бори сими гиряҳои зори зор

بار سیم گریه‌های زار زار

Кард андари шаҳру дашту кӯҳсор

کرد اندر شهر و دشت و کوهسار

Рӯз ва шаб бигирист то бор дигар

روز و شب بگریست تا بار دگر

Кӯр шуд нураш намонад андари басар

کور شد نورش نماند اندر بصر

Кӯри гашту гиря ӣ ӯ кам нашуд

کور گشت و گریهٔ او کم نشد

Соъатӣ бесӯз ва бемотам нашуд

ساعتی بی سوز و بی ماتم نشد

Шомҳо дар гиряҳоиҳои ҳои

شامها در گریه‌هایِ های های

Рӯзҳо дар нолаҳои вои вой

روزها در ناله‌هایِ وای وای

ӣнқадар бигирист то тайру вуҳуш

اینقدر بگریست تا طیر و وحوش

Омаданд аз гиряаш андари хурӯш

آمدند از گریه‌اش اندر خروش

То шабӣ ӯро наДоӣ шуд зи ғайб

تا شبی او را ندایی شد ز غیب

То бкӣ майгаре охир эй Шуайб

تا به کی می‌گریی آخر ای شعیب

Гиря ӣ ту халқро гирён кунад

گریهٔ تو خلق را گریان کند

Сӯзи ҷони мари ҷисмро сӯзон кунад

سوز جان مر جسم را سوزان کند

Ту чу ҷонӣу раияти ҷисми ту

تو چو جانی و رعیت جسم تو

Ту чу маънии ин хилоиқи исми ту

تو چو معنی این خلایق اسم تو

Маънии хуши лафзро ҳам хуш кунад

معنی خوش لفظ را هم خَوش کند

Зоти дилкаши исмро дилкаш кунад

ذات دلکش اسم را دلکش کند

Чун касе маҳбӯб бошад эй писар

چون کسی محبوب باشد ای پسر

Исм ӯ ҳарҷоӣ бошад нағз ва тар

اسم او هرجای باشد نغز و تر

Ҳаркасӣ аз баҳри як чизе гирист

هر کسی از بهر یک چیزی گریست

эй Шуайби ин гиряи ҳайт баҳр чист

ای شعیب این گریه‌هایت بهر چیست

Гар з бим дӯзахаст ва он ҷҳим

گر ز بیم دوزخست و آن جحیم

Мо дар дӯзах ба ту барбаста ем

ما در دوزخ به تو بربسته‌ایم

Оташи дӯзах буд бар ту ҳаром

آتش دوزخ بود بر تو حرام

Ҳамчуи он ҷинат ба куффори лӣом

همچو آن جنت به کفار لئام

Вар буд ин гиряи ?ути баҳри биҳишт

ور بود این گریه‌ات بهر بهشت

Шавқи васли ҳурёни хуши сиришт

شوق وصل حوریان خوش سرشت

Мо биҳишт аз баҳри ту омода ем

ما بهشت از بهر تو آماده‌ایم

Ҳурёнро зеб ва зинат дода ем

حوریان را زیب و زینت داده‌ایم

Ҳурён аз баҳри ту дар рӯзу шаб

حوریان از بهر تو در روز و شب

Чашм бар роҳанд ва дилҳо дар тараб

چشم بر راهند و دلها در طرب

Соҳати ҷинати барояти рўФтаҳ

ساحت جنت برایت روفته

Зулфи ҳур аз фурқатати ошўФтаҳ

زلف حور از فرقتت آشوفته

Қасрҳо баҳри ту зинат дода ем

قصرها بهر تو زینت داده‌ایم

Тахтҳо дар қасрҳо биниҳода ем

تختها در قصرها بنهاده‌ایم

Хонаҳо бар фаршҳо оварда ем

خانه‌ها بر فرشها آورده‌ایم

Фаршҳо бар тахтҳо густарда ем

فرشها بر تختها گسترده‌ایم

Ин биҳишти ин ҳур ва ин ту эй Шуайб

این بهشت این حور این تو ای شعیب

Ҳар замонии хоҳии брўбии манъу риб

هر زمانی خواهی برو بی منع و ریب

Чун Шуайб аз олами ғайб ин шунид

چون شعیب از عالم غیب این شنید

Аз дили пурдарди оҳӣ бар кашид

از دل پردرد آهی برکشید

К-эии худои ороми ҷони мстҳом

کای خدا آرام جان مستهام

Ман киу дӯзах чаҳу ҷинати кадом

من که و دوزخ چه و جنت کدام

Дили куҷо то фикри ин ва он кунам

دل کجا تا فکر این و آن کنم

ё аз он ғамгин ба он шодон кунам

یا از آن غمگین به آن شادان کنم

Чист дӯзах то аз он тарсон шавам

چیست دوزخ تا از آن ترسان شوم

То зи бими туфи он гирён шавам

تا ز بیم تف آن گریان شوم

Ман худ андари отшстми солҳо

من خود اندر آتشستم سالها

Андар оташ карда ам нашаву намо

اندر آتش کرده‌ام نشو و نما

Оташӣ каз он сқр мондааст мот

آتشی کز آن سقر مانده است مات

Ҳафт дӯзахи пеш ӯ оби Фурот

هفت دوزخ پیش او آب فرات

Оташӣ каз он съир омад битоб

آتشی کز آن سعیر آمد به تاب

Дӯзах аз тӯфони баҳраши як ҳубоб

دوزخ از توفان بحرش یک حباب

Оташӣ каз он ҷаҳаннам дар ҳазар

آتشی کز آن جهنم در حذر

Оташии олами зи сӯзиши як шарар

آتشی عالم ز سوزش یک شرر

Оташи ҳиҷрону нирони фироқ

آتش هجران و نیران فراق

Сӯзи маҳҷӯрӣу нори иштиёқ

سوز مهجوری و نار اشتیاق

Оташи ҳурмони зи базми длФриб

آتش حرمان ز بزم دلفریب

Оташи маҳҷӯрӣ аз васли ҳабиб

آتش مهجوری از وصل حبیب

Ман ки умрӣ шуд дар ин оташи хушам

من که عمری شد در این آتش خَوشم

Кӣ зи дӯзах рӯй дарҳам май кашам

کی ز دوزخ روی درهم می‌کشم

Гуфт шоҳи авлиёи рӯҳии фидоа

گفت شاه اولیا روحی فداه

Дар дуои к-эии Сайиди ман ваии илоҳ

در دعا کای سید من وی اله