Хости иброҳӣми боҳонгу хирад

خواست ابراهیم باهنگ و خرد

Ҷони эшонро дар оташи вохрд

جان ایشان را در آتش واخرد

Раҳи намоядашон ба оби зиндагӣ

ره نمایدشان به آب زندگی

Ворҳондшони зи қайди бандагӣ

وارهاندشان ز قید بندگی

Бандагии нафасу шайтони ҳаво

بندگی نفس و شیطان هوا

Бандагии гандаи намруди дағо

بندگی گنده نمرود دغا

Сӯии гулзор саодаташон кашад

سوی گلزار سعادتشان کشد

Сӯии наврасатони з зулматашон кашад

سوی نورستان ز ظلمتشان کشد

Чунки тинаташони зи мору дӯд буд

چونکه طینتشان ز مار و دود بود

Тинати фиръавнӣу намруд буд

طینت فرعونی و نمرود بود

Табъашонро аз баҳор омад нФўр

طبعشان را از بهار آمد نفور

Гӯш нагирифтанд аз асрори нур

گوش نگرفتند از اسرار نور

Аз халили он баҳри нури тобнок

از خلیل آن بحر نور تابناک

Май дмидндӣ чу анбар аз шбок

می دمیدندی چو عنبر از شباک

ё чаҳ он хафоаш аз шамси алзҳӣ

یا چه آن خفاش از شمس الضحی

ё чу диҷўрии зи рӯзи пурзиё

یا چو دیجوری ز روز پرضیاء

ӯ паии эшон давидӣ дар талаб

او پی ایشان دویدی در طلب

Ҳамчуи он хуршед дар дунболи шаб

همچو آن خورشید در دنبال شب

Дар паии шаб май дӯди меҳри мунир

در پی شب می دود مهر منیر

Гуяд эй шаби лаҳзае ороми гир

گوید ای شب لحظه ای آرام گیر

То расонами хештанро ман ба ту

تا رسانم خویشتن را من به تو

Он сиёҳиро задойам ман зи ту

آن سیاهی را زدایم من ز تو

Чеҳраи ?утро нур афшонӣ кунам

چهره ات را نور افشانی کنم

Аз сарат то пой нӯронӣ кунам

از سرت تا پای نورانی کنم

Парда бурдорам ман аз рухсори ту

پرده بردارم من از رخسار تو

БшкФонми сад гул аз гулзори ту

بشکفانم صد گل از گلزار تو

Шаб гурезад нанигарад андари қафо

شب گریزد ننگرد اندر قفا

Дар замини худро ҳаме бинад хафо

در زمین خود را همی بیند خفا

Ҳамчуи он намрудёни тираи рӯз

همچو آن نمرودیان تیره روز

Аз халили он офтоби длФрўз

از خلیل آن آفتاب دلفروز

Рӯзгорӣ шуд ки охири он гуруҳ

روزگاری شد که آخر آن گروه

Омаданд аз даъват ӯ дар сутӯҳ

آمدند از دعوت او در ستوه

Анҷуман дар анҷуман оростанд

انجمن در انجمن آراستند

Пеши он намруди барпои хостнд

پیش آن نمرود برپا خاستند

Кӣ ту кӯҳи зулмату дарёии куфр

کی تو کوه ظلمت و دریای کفر

эй саропои ту сар то пои куфр

ای سراپای تو سر تا پای کفر

Ин адуии миллату имони мост

این عدوی ملت و ایمان ماست

Ин балои ҷисму ранҷи ҷони мост

این بلای جسم و رنج جان ماست

Сари ҳамеи кӯбади худоёни тўро

سر همی کوبد خدایان تورا

Бад ҳаме гуяд накӯёни тўро

بد همی گوید نکویان تورا

Ин адуии ҷони шоҳаншоҳи мост

این عدوی جان شاهنشاه ماست

Душмани хуршеди моу моҳи мост

دشمن خورشید ما و ماه ماست

Байни чисони воруна нрдӣ бохтанд

بین چسان وارونه نردی باختند

Дӯстон аз душманон нашнохтанд

دوستان از دشمنان نشناختند

Душмани ту нафаси кофар кеш туаст

دشمن تو نفس کافر کیش توست

Ваон ҳавои табъ бидонадяш туаст

وان هوای طبع بداندیش توست

Душмани ту худ туе эй тираи рӯ

دشمن تو خود تویی ای تیره رو

Дигаронро бесабаб душман магӯ

دیگران را بی سبب دشمن مگو

Онкӣ хоҳад шамъи ту равшан кунад

آنکه خواهد شمع تو روشن کند

Шӯраи зорати равза ӣ гулшан кунад

شوره زارت روضه ی گلشن کند

Дӯст бошад бали ниёии меҳрбон

دوست باشد بل نیای مهربان

Ҳин бирав ӯро ғалат душман махон

هین برو او را غلط دشمن مخوان

Нак заминии бошиддати пари хорўбн

نک زمینی باشدت پر خاروبن

Не дар онҷои чашма ӣ нўнии куҳан

نی در آنجا چشمه ی نونی کهن

Хори бен бориши ҳамаи заҳри бало

خار بن بارش همه زهر بلا

Бехи он мأўои мору аждаҳо

بیخ آن مأوای مار و اژدها

Он яке омад ба кафи белу ?каланд

آن یکی آمد به کف بیل و کلند

Хори бенҳоро ҳама аз реша кунад

خار بنها را همه از ریشه کند

Хор бенҳо кунад ва аждарҳо бикушт

خار بنها کند و اژدرها بکشت

Киштҳо афканди онҷои пешу пушт

کشتها افکند آنجا پیش و پشت

Пас заминро мекунад чолоку чуст

پس زمین را می کند چالاک و چست

То براردи чашма ӣ ъзбии дуруст

تا برآرد چشمه ی عذبی درست

Кӯркӯронаи ту дар бонги ъўил

کورکورانه تو در بانگ عویل

Ҳар киро ёбии ҳамеи гардии дахил

هر که را یابی همی گردی دخیل

Кӣ мусулмонон мурувват шуд куҷо

کی مسلمانان مروت شد کجا

Ин заминам мекунад дар ҳам чаро

این زمینم می کند در هم چرا

Малик ва молам мекунад зеру зибр

ملک و مالم می کند زیر و زبر

Душмани ҷон ман омад ин магар

دشمن جان من آمد این مگر

эй мусулмонон ҳазорон дод ва дод

ای مسلمانان هزاران داد و داد

Ҳеҷ мискинро чунин душман мабод

هیچ مسکین را چنین دشمن مباد

Ин на душмани меҳрбони ёрӣ буд

این نه دشمن مهربان یاری بود

Рӯзу шаби баҳри ту дар корӣ буд

روز و شب بهر تو در کاری بود

Морў афъӣ ронад аз паҳлавии ту

مارو افعی راند از پهلوی تو

Об ширин оварад дар ҷӯии ту

آب شیرین آورد در جوی تو

Шӯраи зории баҳри ту гулшан кунад

شوره زاری بهر تو گلشن کند

Як чароғи мурдае равшан кунад

یک چراغ مرده ای روشن کند

То набарди хоркии раведи саман

تا نبرد خارکی روید سمن

То нигаред абр кӣ хандад чаман

تا نگرید ابر کی خندد چمن

То замин нишкофт кас гандум нахурд

تا زمین نشکافت کس گندم نخورد

То садаф нишкаст каси гавҳари набард

تا صدف نشکست کس گوهر نبرد

Май шикофади он заминро бози ёр

می شکافد آن زمین را باز یار

Соф ва покаш мекунад аз сангу хор

صاف و پاکش می کند از سنگ و خار

Пас дар онҳо дона Эй созад ниҳон

پس در آنها دانه ای سازد نهان

То кашад сари хӯшаҳои бекарон

تا کشد سر خوشه های بیکران

Донаи онҷои хӯша ӣ хандон шавад

دانه آنجا خوشه ی خندان شود

Одамиро хӯшаи қӯт ҷон шавад

آدمی را خوشه قوت جان شود

Нест деҳқони душмани он кишти зор

نیست دهقان دشمن آن کشت زار

Балки созад баҳмани онро баҳор

بلکه سازد بهمن آن را بهار

Ҳамчунин алтоф бе поёни ҳақ

همچنین الطاف بی پایان حق

намекунад бо некбахтони ин нсқ

می کند با نیکبختان این نسق

Он ҳавои шаҳвати хашми забун

آن هوای شهوت خشم زبون

Оби шӯру зинати дунёии дун

آب شور و زینت دنیای دون

Тухми суҳбатҳои абнои замон

تخم صحبتهای ابنای زمان

Бод бе ҳангоми фавҷ бод хон

باد بی هنگام فوج باد خوان

Мазраъи длстони з об андохта

مزرع دلستان ز آب انداخته

Шӯраи зории жӯлу вайрони сохта

شوره زاری ژول و ویران ساخته

Рустаи онҷои хори бен дар хори бен

رسته آنجا خار بن در خار بن

Хори бен неи аждаҳоу мори бен

خار بن نی اژدها و مار بن

Зер ҳар хории дусади афъии ниҳон

زیر هر خاری دوصد افعی نهان

Синау дил бар ғамон дар бар ғамон

سینه و دل بر غمان در بر غمان

Чашмҳо хушкида ҷӯҳо гашта пар

چشمها خشکیده جوها گشته پر

Оби гираши поргини шӯраи пар

آب گیرش پارگین شوره پر

Соҳати ҷон назд деҳқони қадар

ساحت جان نزد دهقان قدر

Чун заминӣ ҳаст пеши барзигар

چون زمینی هست پیش برزگر

Чун заминии лоиқи гул зор дид

چون زمینی لایق گل زار دید

Марзу бумаш дар хур кФёр дид

مرز و بومش در خور کفیار دید

Гову белу хяшу доси онҷои барад

گاو و بیل و خیش و داس آنجا برد

Он заминро баршикофад брдрд

آن زمین را برشکافد بردرد

Ин балоҳо ва маразҳо бе сухан

این بلاها و مرضها بی سخن

Ҳаст ҷонро чун шёри гоўзн

هست جان را چون شیار گاوزن

Май шикофади мӯ ба мӯи он бум ро

می شکافد مو به مو آن بوم را

намекунад аз реша хор шавам ро

می کند از ریشه خار شوم را

Ончӣ мأўо карда онҷо аз ҳшор

آنچه مأوا کرده آنجا از حشار

намекунад аз мазраъи ҷони тору мор

می کند از مزرع جان تار و مار

Чунки хору мор аз он парвоз кард

چونکه خار و مار از آن پرواز کرد

Гулбуни маънии шукуфтан соз кард

گلبن معنی شکفتن ساز کرد

Чашмҳои маърифат гардад равон

چشمهای معرفت گردد روان

Во шавад ҳам чашму гӯши ҳуши ҷон

وا شود هم چشم و گوش هوش جان