Навбаҳор омад шкФт аз ҳар сари девори гул

نوبهار آمد شکفت از هر سر دیوار گل

Хор шуд помол берун шуд ба ҷои хори гул

خار شد پامال بیرون شد به جای خار گل

Баҳри таъмири чамани меъмор бар зад остин

بهر تعمیر چمن معمار بر زد آستین

Панҷа зад чун панҷ ангушт аз кафи меъмори гул

پنجه زد چون پنج انگشت از کف معمار گل

Мор агар дар пои сунбул ҳалқа созад хеш ро

مار اگر در پای سنبل حلقه سازد خویش را

наметавонад боғбон чидани зи шохи мори гул

می تواند باغبان چیدن ز شاخ مار گل

Синаро сайри чамани соф аз кудурат ме кунад

سینه را سیر چمن صاف از کدورت می کند

Май барад аз хотири ойинаҳо зангори гул

می برد از خاطر آئینه ها زنگار گل

Боғро то субҳдам ҳар дам чироғон ме кунад

باغ را تا صبحدم هر دم چراغان می کند

Дар таманнои ҷамоли Аҳмади мухтори гул

در تمنای جمال احمد مختار گل

Хотами пайғамбарон яъне расӯли ҳошимӣ

خاتم پیغمبران یعنی رسول هاشمی

Ном ӯро мекунад боди сад забони такрори гул

نام او را می کند باد صد زبان تکرار گل

Оташи савдоӣ ӯ аз бас ки дорад бар ҷигар

آتش سودای او از بس که دارد بر جگر

Синаро во карда ояд бар сари бозори гул

سینه را وا کرده آید بر سر بازار گل

Аз чаман ояд ба бозори Мадина ҳар саҳар

از چمن آید به بازار مدینه هر سحر

То зари худро кунад дар мақдамаши эсори гул

تا زر خود را کند در مقدمش ایثار گل

эй зи файзи абри эҳсони ту дар боғи вуҷӯд

ای ز فیض ابر احسان تو در باغ وجود

Бушковад гоҳе гул аз хору гуҳӣ бе хори гул

بشکفد گاهی گل از خار و گهی بی خار گل

Аз шаби миъроҷ бо чандин латофат омадӣ

از شب معراج با چندین لطافت آمدی

Дасти гул , пои гул , бадани гул , ҷабҳаи гул , рухсори гул

دست گل، پا گل، بدن گل، جبهه گل، رخسار گل

Олу асҳоби туро гирди ту ризвон дид ва гуфт

آل و اصحاب تو را گرد تو رضوان دید و گفت

эй ҳаёти ҷовдони як шохи ин миқдори гул

ای حیات جاودان یک شاخ این مقدار گل

Сӯии он ғорӣ ки бо садиқи Акбари рафта Эй

سوی آن غاری که با صدیق اکبر رفته ای

То дам маҳшар бирӯяд аз дар он ғори гул

تا دم محشر بروید از در آن غار گل

Ҳазрати форуқи ёри дувуми он яъне умр

حضرت فاروق یار دوم آن یعنی عمر

Карда зарби даррааш аз пушти дарёи бори гул

کرده ضرب دره اش از پشت دریا بار گل

Ёри сеюм ҳазрати Усмони гардуни манзалат

یار سوم حضرت عثمان گردون منزلت

Рехт ӯ хӯни шафақ аз дидаи хўнбори гул

ریخت او خون شفق از دیده خونبار گل

Сарви шамшоди санавбар бар гулистонати се ёр

سرو شمشاد صنوبر بر گلستانت سه یار

Андрўи ёри чаҳоруми ҳайдари каррори гул

اندرو یار چهارم حیدر کرار گل

Чори ёрат дар канори гулшани исломи ту

چار یارت در کنار گلشن اسلام تو

Чори сарву чори ҷӯйу чори ҳавзу чори гул

چار سرو و چار جوی و چار حوض و چار گل

Сабз мегардад зи рафтори ту сарви хўшхром

سبز می گردد ز رفتار تو سرو خوشخرام

Олу асҳоби туро май резад аз гуфтори гул

آل و اصحاب تو را می ریزد از گفتار گل

То гулистони ҷаҳонро зеб ва зинат дода Эй

تا گلستان جهان را زیب و زینت داده ای

намекунад хуршед ҳар субҳ аз сари кҳсори гул

می کند خورشید هر صبح از سر کهسار گل

Шавкати пайғамбарии рӯзӣ ки зоҳири сохтӣ

شوکت پیغمبری روزی که ظاهر ساختی

Ҳури хотам буд ризвони меҳтари саркори гул

حور خاتم بود رضوان مهتر سرکار گل

Сунбули ҷинат буд ҷоруби фароашони ту

سنبل جنت بود جاروب فراشان تو

Чокронтро занад фирдавс бар дастори гул

چاکرانت را زند فردوس بر دستار گل

То зи сарви хўшхромт давр гардад захми чашм

تا ز سرو خوشخرامت دور گردد زخم چشم

Баста бар бозуии шох аз ғунчаҳо тӯмори гул

بسته بر بازوی شاخ از غنچه ها طومار گل

Пишбозти сокинони арш берун омаданд

پیشبازت ساکنان عرش بیرون آمدند

Сарви шамшоду санавбари ҷумларо сардори гул

سرو شمشاد و صنوبر جمله را سردار گل

Бар тавофи равза ?ут молида то рӯй ниёз

بر طواف روضه ات مالید تا روی نیاز

Андалебонро буд дар ғунчаи минқори гул

عندلیبان را بود در غنچه منقار گل

ё расӯли аллоҳи ранҷурам ба фарёдам барис

یا رسول الله رنجورم به فریادم برس

Ғунча афсурдаам имсол будам ёри гул

غنچه افسرده ام امسال بودم یار گل

Аз сари мастии зи ман ношкриии сар бар зада

از سر مستی ز من ناشکریی سر بر زده

Ғифлатӣ дорам ки пеши ман буд ҳушёри гул

غفلتی دارم که پیش من بود هشیار گل

Тира бахтам нестам огоҳ аз ради қабул

تیره بختم نیستم آگاه از رد قبول

Аз забонами тавба ҳар дам мекунад садбори гул

از زبانم توبه هر دم می کند صدبار گل

Аз пушаймонии сарангуштами сар мисвок шуд

از پشیمانی سرانگشتم سر مسواک شد

Чашм он дорам ки созад шохи истиғфори гул

چشم آن دارم که سازد شاخ استغفار گل

Гар рӯм дар боғ бо ҷисми хароб ва рӯй зард

گر روم در باغ با جسم خراب و روی زرد

Сарв паҳлу мекашад месозад аз ман ори гул

سرو پهلو می کشد می سازد از من عار گل

Гар накардӣ ё расӯли аллоҳи шафиъи ҷурми ман

گر نکردی یا رسول الله شفیع جرم من

Вонхўоҳд кард бар рӯем дар гулзори гул

وانخواهد کرد بر رویم در گلزار گل

Кулба ам гардид ҳамчун гулшан ғорат зада

کلبه ام گردید همچون گلشن غارت زده

Лутф агар созӣ бирӯяд аз дару девори гул

لطف اگر سازی بروید از در و دیوار گل

Аз хиҷолат гарчи рози худ наме созами аён

از خجالت گرچه راز خود نمی سازم عیان

намекунад рози ниҳонам аз лаби изҳори гул

می کند راز نهانم از لب اظهار گل

Ҳоҷати худ ғайри даргоҳи ту ҷой чун барам

حاجت خود غیر درگاه تو جای چون برم

Бардаанд аҳли ҷаҳон рафтанӣ бисёр гул

برده اند اهل جهان رفتنی بسیار گل

ё расӯл аллоҳ нагардад мунфаил дар пеши халқ

یا رسول الله نگردد منفعل در پیش خلق

Дода шӯҳрати суҳбатамро бар сари бозори гул

داده شهرت صحبتم را بر سر بازار گل

Гар нагирӣ аз карами имрӯзи дасти сидо

گر نگیری از کرم امروز دست سیدا

Аз сари болини ин бечора созад хори гул !

از سر بالین این بیچاره سازد خار گل!