Рафтанди аҳли ҷӯад дар айём кас намонад
رفتند اهل جود در ایام کس نماند
Дар базми рӯзгор ба ғайр аз магас намонад
در بزم روزگار به غیر از مگس نماند
Зад қуфли боғбон ба дар боғи орзӯ
زد قفل باغبان به در باغ آرزو
Моро дигар ба шохи ҳавас дастрас намонад
ما را دگر به شاخ هوس دسترس نماند
Рафт аз димоғ гӯша нишинон ҳузури қалб
رفت از دماغ گوشه نشینان حضور قلب
Осӯдаи хотирӣ ба биҳишт қафас намонад
آسوده خاطری به بهشت قفس نماند
Аз рафт ид ва омад наврӯзи фориғам
از رفت عید و آمد نوروز فارغم
Тифли марои зи бас ки ҳаво ва ҳавас намонад
طفل مرا ز بس که هوا و هوس نماند
Бастанди сидо дар арбоби ҷӯад ро
بستند سیدا در ارباب جود را
Аз нола лаб бабанд ки фарёдрас намонад
از ناله لب ببند که فریادرس نماند