Ба сӯй кулбаам шомӣ ки он шамъ висол ояд

به سوی کلبه ام شامی که آن شمع وصال آید

Дил аз синаи беруни ҳамчуи фонӯс хаёл ояд

دل از سینه بیرون همچو فانوس خیال آید

Шавад мижгон ба чашми ашкборми нахли бороўр

شود مژگان به چشم اشکبارم نخل بارآور

Дар оғӯш тамошоем агар он навниҳол ояд

در آغوش تماشایم اگر آن نونهال آید

Ба дасти зулфи ғаммозаши магари афтодаи мактубам

به دست زلف غمازش مگر افتاده مکتوبم

Ки мурғи нома бар аз кӯй ӯ ошуфта ҳол ояд

که مرغ نامه بر از کوی او آشفته حال آید

Ҳилоли нохун аз гулҳои доғам даст бардорад

هلال ناخن از گلهای داغم دست بردارد

Ба дили пурсӣ агар он лола рӯй хўрдсол ояд

به دل پرسی اگر آن لاله روی خوردسال آید

Гиребони тулӯъ субҳ гардад остини ман

گریبان طلوع صبح گردد آستین من

Ба дасти кӯтаҳами рӯзӣ ки домон висол ояд

به دست کوتهم روزی که دامان وصال آید

Ба ёди чашм ӯ аз шаҳр агар беруни кашами худ ро

به یاد چشم او از شهر اگر بیرون کشم خود را

Ба истиқболи ман аз домани саҳро ғизол ояд

به استقبال من از دامن صحرا غزال آید

зи абрӯяши надидаи қосиди ман гӯшаи чашмӣ

ز ابرویش ندیده قاصد من گوشه چشمی

Нигоҳам аз тамошояш ба қади ҳамчу дол ояд

نگاهم از تماشایش به قد همچو دال آید

Лаби хушки маро рӯй ърқноки ту тар ме созад

لب خشک مرا روی عرقناک تو تر می سازد

Ба коми соғарам аз ҷӯии Хизри об зулол ояд

به کام ساغرم از جوی خضر آب زلال آید

Дукони хешро эй сидои рӯзӣ ки бигушоем

دکان خویش را ای سیدا روزی که بگشایم

Матоъамро харидории кунони гирд малол ояд

متاعم را خریداری کنان گرد ملال آید