Боғбонии кӯ ки ояд гул дар оғӯшам кунад
باغبانی کو که آید گل در آغوشم کند
Ҷомаи барги карам чун сарв бар дӯшам кунад
جامه برگ کرم چون سرو بر دوشم کند
Сарви қадии кӯ ки ояд ҷо дар оғӯшам кунад
سرو قدی کو که آید جا در آغوشم کند
Ёди умри рафта аз хотир фаромӯшам кунад
یاد عمر رفته از خاطر فراموشم کند
Май рӯм аз базм май нохӯрдаи он соқӣ куҷост
می روم از بزم می ناخورده آن ساقی کجاست
Дасти ман бандади сабуии бода бар дӯшам кунад
دست من بندد سبوی باده بر دوشم کند
Соғарам чун косаи гирдоб умрӣ шуд тиҳӣаст
ساغرم چون کاسه گرداب عمری شد تهیست
Нест дар дарёи ҳубобии рафта сарпӯшам кунад
نیست در دریا حبابی رفته سرپوشم کند
Чун камоне ҳалқаи созами гӯшагирӣ ихтиёр
چون کمانی حلقه سازم گوشه گیری اختیار
Пеш аз он соъат ки даврони хона бар дӯшам кунад
پیش از آن ساعت که دوران خانه بر دوشم کند
Дар чамани мушти пари ман лоиқ таклиф нест
در چمن مشت پر من لایق تکلیف نیست
Боғбонро ба ки аз хотир фаромӯшам кунад
باغبان را به که از خاطر فراموشم کند
Сидо аз шодӣу ғам фориғаст ойина ам
سیدا از شادی و غم فارغ است آئینه ام
Гар ба зар гирад сипеҳрам вар намад пӯшам кунад
گر به زر گیرد سپهرم ور نمد پوشم کند