Ному нишон ба даҳри зи аҳл карам намонад

نام و نشان به دهر ز اهل کرم نماند

Риққат аз муҳӣти гавҳар ва дар абр нам намонад

رقت از محیط گوهر و در ابر نم نماند

Аз мардуми замонаи мурувват видоъ кард

از مردم زمانه مروت وداع کرد

Бо аҳли рӯзгор ба ғайр аз ситам намонад

با اهل روزگار به غیر از ستم نماند

Аз боди субҳи ғунчаи дил во наме шавад

از باد صبح غنچه دل وا نمی شود

Файзӣ ки буд дар нафас субҳдам намонад

فیضی که بود در نفس صبحدم نماند

Дарёдилони шдндҳмаҳи оҳ бар ҷигар

دریادلان شدندهمه آه بر جگر

Дар чашми абри гиря ва дар баҳр нам намонад

در چشم ابر گریه و در بحر نم نماند

эй косаи гадо чаҳ садо мекунӣ баланд

ای کاسه گدا چه صدا می کنی بلند

Овозаи карам ба лаби ҷом ҷам намонад

آوازه کرم به لب جام جم نماند

Бар рӯй соилон дар умед баста шуд

بر روی سایلان در امید بسته شد

Аз бас ки дар бисоти карямон карам намонад

از بس که در بساط کریمان کرم نماند

Дар кишвар вуҷӯд надидем аҳли ҷӯад

در کشور وجود ندیدیم اهل جود

Зини ҷинси ҳам ба қофилаҳои адам намонад

زین جنس هم به قافله های عدم نماند

Аз шеър ва шоирӣ тарсидам ба орзӯ

از شعر و شاعری ترسیدم به آرزو

Дилбастагии маро ба дуот ва қалам намонад

دلبستگی مرا به دوات و قلم نماند

Бод хазон раседу чаманро ба бод дод

باد خزان رسید و چمن را به باد داد

Бар дӯши сарви ҷомаи барг карам намонад

بر دوش سرو جامه برگ کرم نماند

Имрӯзи сидои асар аз аҳл ҷӯад нест

امروز سیدا اثر از اهل جود نیست

Рафтанди ончунон ки нишон қадам намонад

رفتند آنچنان که نشان قدم نماند