Нигоҳам беРахш гардид ашку ғунча гул шуд
نگاهم بی رخش گردید اشک و غنچه گل شد
зи чашмами хор мижгонҳо париду бол булбул шуд
ز چشمم خار مژگانها پرید و بال بلبل شد
Ба ёд рӯй ӯ рафтам ба боғу нола ҳо кардам
به یاد روی او رفتم به باغ و ناله ها کردم
Фиғонам шуд насими субҳу оҳами накҳат гул шуд
فغانم شد نسیم صبح و آهم نکهت گل شد
Накард он бе тараҳҳуми ҷониби ман гӯшаи чашмӣ
نکرد آن بی ترحم جانب من گوشه چشمی
Дариғо тндхўӣиҳои ӯ сарф тағофул шуд
دریغا تندخوئی های او صرف تغافل شد
Ба гулшани рафтаи имшаби он мзлФро дуо кардам
به گلشن رفته امشب آن مزلف را دعا کردم
Хат ӯ барги райҳони гашти холаши тухм сунбул шуд
خط او برگ ریحان گشت خالش تخم سنبل شد
Ҳадиси тираи рӯзиҳо бар нақш он қадр гуфтам
حدیث تیره روزی ها بر نقش آنقدر گفتم
Ки дӯди шамъи имшаб бар сари парвона кокул шуд
که دود شمع امشب بر سر پروانه کاکل شد
Ба по занҷир рафтам бар тавофи турбати маҷнӯн
به پا زنجیر رفتم بر طواف تربت مجنون
зи ашками лола гул карду биёбони пари з сунбул шуд
ز اشکم لاله گل کرد و بیابان پر ز سنبل شد
зи дарҳои карямони ноумед аз бас ки баргаштам
ز درهای کریمان ناامید از بس که برگشتم
Ба дастами косаи дрўизаҳгар ҷом таваккул шуд
به دستم کاسه درویزه گر جام توکل شد
Садои сидо аз ҳамдамон берун наме ояд
صدای سیدا از همدمان بیرون نمی آید
Насим аз бӯстон рафту чамани холии з булбул шуд
نسیم از بوستان رفت و چمن خالی ز بلبل شد