Рӯзи маҳшари базми дасти сӯии афсари хеш
روز محشر بزم دست سوی افسر خویش
Беди маҷнӯнам ва худ соя кунам бар сари хеш
بید مجنونم و خود سایه کنم بر سر خویش
Садафи ман нгшодсти даҳани пеши саҳоб
صدف من نگشادست دهن پیش سحاب
Хок молидаа ҳубобам ба лаби соғари хеш
خاک مالیده حبابم به لب ساغر خویش
Нола давраст зи занҷир дар гӯша нишин
ناله دور است ز زنجیر در گوشه نشین
Нестам мунфаил аз ҳалқаи гӯши кари хеш
نیستم منفعل از حلقه گوش کر خویش
Ғунчаи хсписти марои кор чу мурғони қафас
غنچه خسپیست مرا کار چو مرغان قفس
Хоби осоиш ман ҳаст ба зери пари хеш
خواب آسایش من هست به زیر پر خویش
Зоди роҳи сафари малики адам эсор аст
زاد راه سفر ملک عدم ایثار است
Дар чамани дӯхтаи гули чашм ба мушти зари хеш
در چمن دوخته گل چشم به مشت زر خویش
Сари худ дар қадами душман худ бигзорам
سر خود در قدم دشمن خود بگذارم
Май занами бӯсаи кафи пои маломатгар хеш
می زنم بوسه کف پای ملامت گر خویش
Ғунчаам хотирам аз гуфту шунидан ҷамъ аст
غنچه ام خاطرم از گفت و شنودن جمع است
Рўзгорист ки осӯдаам аз дафтари хеш
روزگاریست که آسوده ام از دفتر خویش
Сидои лаъли з кон омад ва шуд соҳиби ном
سیدا لعل ز کان آمد و شد صاحب نام
Беҳтар онаст ҳнрўр равад аз кишвари хеш
بهتر آنست هنرور رود از کشور خویش