Дар садаф чун қатра уфтад гардад ӯро дили зи санг

در صدف چون قطره افتد گردد او را دل ز سنگ

Сифларо дунё диҳад рӯ мекунад манзили зи санг

سفله را دنیا دهد رو می کند منزل ز سنگ

Ҳамчу оташ кардаем аз дасти ту манзили зи санг

همچو آتش کرده ایم از دست تو منزل ز سنگ

То ба кӣ бо мо таъаддӣ мекунӣ эй дили зи санг

تا به کی با ما تعدی می کنی ای دل ز سنگ

Ҷӯй шер ояд бурун аз кӯҳи баҳри кӯҳкан

جوی شیر آید برون از کوه بهر کوهکن

Рӯзе худ мекунад соҳиби ҳунари ҳосили зи санг

روزیی خود می کند صاحب هنر حاصل ز سنگ

Одамиро зи офати арз ва само набӯд хабар

آدمی را ز آفت ارض و سما نبود خبر

Донаи завқ Асия дорад вале ғофили зи санг

دانه ذوق آسیا دارد ولی غافل ز سنگ

Аз фалохани сар наме печади дарахти миваи дор

از فلاخن سر نمی پیچد درخت میوه دار

Ҳамчуи Тифлон кӣ шавад бе пои соҳибдили зи санг

همچو طفلان کی شود بی پای صاحبدل ز سنگ

Хӯни ноҳақ ҳар куҷо бошад ниҳон гул ме кунад

خون ناحق هر کجا باشد نهان گل می کند

Лола май раведи зи оби ханҷари қотили зи санг

لاله می روید ز آب خنجر قاتل ز سنگ

Сокинони каъба аз васвос шайтон фориғанд

ساکنان کعبه از وسواس شیطان فارغند

Эмин аз сайл аст бошад ҳар крои манзили зи санг

ایمن از سیل است باشد هر کرا منزل ز سنگ

Кардаанд аҳли тамаъро аз азали рўӣинаҳи тан

کرده اند اهل طمع را از ازل روئینه تن

Об мегардад набошадгар дили соили зи санг

آب می گردد نباشد گر دل سایل ز سنگ

Хол ӯ то мавсими хат ҳар чаҳ бошад ме кунад

خال او تا موسم خط هر چه باشد می کند

намешавад вақти аламдории дили ғофили зи санг

می شود وقت علمداری دل غافل ز سنگ

Рози ишқ аз сина ҳамчун барқ берун ме равад

راز عشق از سینه همچون برق بیرون می رود

Сидои беҳуда оташ мекунад манзили зи санг

سیدا بیهوده آتش می‌کند منزل ز سنگ