Аз он рӯзӣ ки давр афтод зон зулфи ду то дастам
از آن روزی که دور افتاد زان زلف دو تا دستم
Гиреҳ накушояд аз кор касе монанди пои дастам
گره نگشاید از کار کسی مانند پا دستم
зи зери нохунам чун гули зи ғайрати хӯн ба ҷӯш ояд
ز زیر ناخنم چون گل ز غیرت خون به جوش آید
Чу созад орзӯии ранг аз барги ҳинои дастам
چو سازد آرزوی رنگ از برگ حنا دستم
Марои дасти тиҳӣ аз остин берун наме ояд
مرا دست تهی از آستین بیرون نمی آید
Фурӯ рафтаст то бозу ба коми аждаҳои дастам
فرو رفتست تا بازو به کام اژدها دستم
Чаро калакам насозад сабз ҳамчун Хизри олам ро
چرا کلکم نسازد سبز همچون خضر عالم را
Ки бар кафи ҳамчуи сарв аз ростӣ дорад Асои дастам
که بر کف همچو سرو از راستی دارد عصا دستم
з ҳар ангушти ман монанди не фарёд бархезад
ز هر انگشت من مانند نی فریاد برخیزد
Агар як лаҳза гардад аз гиребонами ҷудои дастам
اگر یک لحظه گردد از گریبانم جدا دستم
Ба ангушти ҳаё то парда аз рӯйиши броФгндм
به انگشت حیا تا پرده از رویش برافگندم
зи ташти шуъла оташ намесозад абои дастам
ز طشت شعله آتش نمی سازد ابا دستم
зи фикри рӯзи ҳашар эй сидо берун наме оем
ز فکر روز حشر ای سیدا بیرون نمی آیم
Дар ин дарёӣ пуршӯраш нагирадгар худои дастам
در این دریای پرشورش نگیرد گر خدا دستم