Гар ба каф монанди гули мушти зарӣ май доштам
گر به کف مانند گل مشت زری می داشتم
Дар бағал чун ғунчаи гулбаргтарӣ май доштам
در بغل چون غنچه گلبرگ تری می داشتم
Роҳи даври ишқ бо миқроз по натавон бурид
راه دور عشق با مقراض پا نتوان برید
Қатъ мекардам ман ин раҳгар сиррӣ май доштам
قطع می کردم من این ره گر سری می داشتم
Об медоданд чун дарёи суханҳои маро
آب می دادند چون دریا سخن های مرا
Чун садафгар дар кафи худ гавҳарӣ май доштам
چون صدف گر در کف خود گوهری می داشتم
Сабз шуд ҳамчун либоси Хизри зангори дилам
سبز شد همچون لباس خضر زنگار دلم
намешудам ойинагар Искандарӣ май доштам
می شدم آئینه گر اسکندری می داشتم
Мондаам дар хонаи сайёд аз бе қӯтӣ
مانده ام در خانه صیاد از بی قوتی
Май шикастами сад қафасрогар парӣ май доштам
می شکستم صد قفس را گر پری می داشتم
намешудам шаб то саҳари ҳангомаи ороиш чу шамъ
می شدم شب تا سحر هنگامه آرایش چو شمع
Пеши теғаш май ниҳодамгар сиррӣ май доштам
پیش تیغش می نهادم گر سری می داشتم
Чашм ӯро сидо ҳамкоса мекардам ба худ
چشم او را سیدا همکاسه می کردم به خود
Гар ба каф монанди наргиси соғарӣ май доштам
گر به کف مانند نرگس ساغری می داشتم