зи қатли ошиқон дар сина ӯ ғам наме байнам

ز قتل عاشقان در سینه او غم نمی‌بینم

Ба шамъ аз мурдани парвонаҳо мотам наме байнам

به شمع از مردن پروانه‌ها ماتم نمی‌بینم

Ба гулшани хешро чун қатраи шабнам наме байнам

به گلشن خویش را چون قطره شبنم نمی‌بینم

Касеро ғайри худ ҳаргиз ба чашм кам наме байнам

کسی را غیر خود هرگز به چشم کم نمی‌بینم

Ҷаҳон аз акси рӯйиши хонаи ойинаро монад

جهان از عکس رویش خانه آئینه را ماند

Ба ҳар ҷо май рӯми ҷузи сӯрати одам наме байнам

به هر جا می‌روم جز صورت آدم نمی‌بینم

Матоъӣ дорам ва аммо надорад ҳеҷ миқдорӣ

متاعی دارم و اما ندارد هیچ مقداری

Дар ин бозори санги ҳеҷ касро касам наме байнам

در این بازار سنگ هیچ‌کس را کسم نمی بینم

Чу паргор аз даруни хонаи пои берун наме монам

چو پرگار از درون خانه پا بیرون نمی‌مانم

Ба ҷустуҷӯи қадамро муттафиқ бо ҳам наме байнам

به جستجو قدم را متفق با هم نمی‌بینم

Ба дарёи соғари худ май барам лаби ташна май орм

به دریا ساغر خود می‌برم لب تشنه می‌آرم

Бҷўбори карямони умрҳо шуданам наме байнам

بجوبار کریمان عمرها شدنم نمی بینم

Ба бозори табибон май рӯми навмед май гирдам

به بازار طبیبان می‌روم نومید می‌گردم

Ба дил чун лола доғӣ дораму марҳам наме байнам

به دل چون لاله داغی دارم و مرهم نمی‌بینم

зи тўФи каъбаи мақсӯд ғуборолуд ме оем

ز طوف کعبه مقصود غبارآلود می‌آیم

Ба ғайр аз дидаи худ чашмаи замзам наме байнам

به غیر از دیده خود چشمه زمزم نمی‌بینم

Ба гӯш аз ҳеҷ ҷои овоза эҳсон наме ояд

به گوش از هیچ جا آوازه احسان نمی‌آید

Садо дар косаи фағфуру ҷоми ҷам наме байнам

صدا در کاسه فغفور و جام جم نمی‌بینم

Гулистонами зи хушкии гшни тасвирро монад

گلستانم ز خشکی گشن تصویر را ماند

Ки дар ваии сол ҳо шуд қатраи шабнам наме байнам

که در وی سال‌ها شد قطره شبنم نمی‌بینم

Ба масҷиди рафта чун мисвок дидам шайхро саркаш

به مسجد رفته چون مسواک دیدم شیخ را سرکش

Биҷузи миҳроби пушти ҳеҷ касро хам наме байнам

بجز محراب پشت هیچ‌کس را خم نمی‌بینم

з рӯй аҳли олами чашми худ пӯшида май гирдам

ز روی اهل عالم چشم خود پوشیده می‌گردم

Ба олами мардумӣ аз мардуми олам наме байнам

به عالم مردمی از مردم عالم نمی‌بینم

Нагирад бори миннати соҳиби эҳсони баъди мурдани ҳам

نگیرد بار منت صاحب احسان بعد مردن هم

Чароғи орзӯ бар турбати ҳотам наме байнам

چراغ آرزو بر تربت حاتم نمی‌بینم

Ба гулзори ҷаҳон эй сидо умрӣаст май гирдам

به گلزار جهان ای سیدا عمریست می‌گردم

Ба ғайр аз ғунчаи хандони дили хуррам наме байнам

به غیر از غنچه خندان دل خرم نمی‌بینم