эй дил чу булбул аз паии он бе вафои Марв
ای دل چو بلبل از پی آن بی وفا مرو
Аз даст мо парида чу ранги ҳинои Марв
از دست ما پریده چو رنگ حنا مرو
Миҳроби зи интизори ту оғӯш карда во
محراب ز انتظار تو آغوش کرده وا
Бар хонаи дили з барои худои Марв
بر خانه دل ز برای خدا مرو
Дар базми глрхони сабукии санг тафриқа аст
در بزم گلرخان سبکی سنگ تفرقه است
эй буии гули баҳри нафасӣ чун сабои Марв
ای بوی گل بهر نفسی چون صبا مرو
Ҳар ҷо рӯй чу соя ба дасти ори ҳамраҳе
هر جا روی چو سایه به دست آر همرهی
Чун офтоби срздаҳ бе раҳнамои Марв
چون آفتاب سرزده بی رهنما مرو
Бо қамарёни ҳаёти худ эй сарв бигузарон
با قمریان حیات خود ای سرو بگذران
Зинҳор аз навой ҳазорон зи ҷои Марв
زینهار از نوای هزاران ز جا مرو
То кӣ ба мо сухани зи сар зулф ме кунӣ
تا کی به ما سخن ز سر زلف می کنی
Пайвастаи зи сояи боли ҳумои Марв
پیوسته ز سایه بال هما مرو
Бегонаи вори ҳарф ба гӯш касон манеҳ
بیگانه وار حرف به گوش کسان منه
Беруни зи худ баҳри сухании ошнои Марв
بیرون ز خود بهر سخنی آشنا مرو
эй сидои ту поси дили худ нигоҳи дор
ای سیدا تو پاس دل خود نگاه دار
То сар буд ба ҷой дар он кӯи бпои Марв
تا سر بود به جای در آن کو بپا مرو