Арбоби ҷӯадро каф гўҳрФшон намонад

مصفا سینه را چون مهر انور می توان کردن

Дасти кушодае ба муҳӣт дукон намонад

به همت مشت خاک خویش را زر می توان کردن

Дар рӯзгори мо зи саховат нишон намонад

جفاهای تو را طغرای دفتر می توان کردن

Аз ҳиммати баланди асар дар ҷаҳон намонад

ز بیداد تو با دل شکوه یی سر می توان کردن

Як сарв дар саросари ин бӯстон намонад

شکایت گونه یی زان دست و خنجر می توان کردن

То ҷғди тинатон ба фазоӣ чаман шуданд

محبت با تو حاجتمند کرده سینه ریشان را

Чун сабзаи сояпарвар сарв саман шуданд

نمی پرسی تو از نامهربانی درد کیشان را

Гулҳо зи бас ки ҳамдами зоғ ва заған шуданд

به گوشت زلف می گوید سراسر حال ایشان را

Мурғони нағмаи санҷи ҷилоӣ ватан шуданд

فراهم کن یکی اوراق دلهای پریشان را

Ҷузи байзаи шикастаи дарин ошён намонад

اگر طلعت نخواهد باز ابتر می توان کردن

Аз аҳл намонад дарин хокдони нишон

بلای جان بود عشاق را رخساره رنگین

Бастанди обу ойинаи рахти худ аз миён

ز مجنون رفت عقل و وز زلیخا دور شد تمکین

Хуршед гуфт вақти видоъаш ба осмон

به خسرو کوهکن می گفت ای شاه کرم آئین

Равшандилон чу барқ гузаштанд аз ҷаҳон

مگو تلخ است خون اهل دل شاید بود شیرین

Хокистарӣ ба ҷони азин корвон намонад

دم تیغی به رسم امتحان تر می توان کردن

Аз дидаи басирати мо хоб шуд равон

شبی از سوز دل آتش زدم چون گل به پیراهن

Абёт аз сафина чу симоб шуд равон

به سیر باغ بیرون آمدم از گوشه گلخن

Таҳрир аз саҳифа чу хуноб шуд равон

به مرغان گلستان ساختم آن نکته را روشن

Аз чашми серумаи дори дуот об шуд равон

به شرع دوستی گلبرگ نتوان چید در دامن

Ширини забонии қалами нукта дон намонад

ولی چندان که خواهی خاک بر سر می توان کردن

эй сидои ту дил ба мақоми наҷоти каш

مه من چند باشند از غمت یاران به تاب و تب

Пой аз макони тайифа бе саботи каш

شده در انتظارت مردمان را چشم چون کوکب

Чун Хизри рахти хеш ба оби ҳаёти каш

شنو این نکته را از سیدا ای شوخ شکر لب

Соиби забони хома ба коми дуот каш

اگر یک قطره خون از دیده طالب چکد امشب

Имрӯз чун сухани талабӣ дар ҷаҳон намонад

به خون صد شهید غم برابر می توان کردن