эй ёри сурӯду оби ангур

ای یار سرود و آب انگور

На ёри манӣ ба ҳақи волтўр

نه یار منی به حق والطور

Маъзул шудааст ҷони з ҳарчӣ

معزول شده است جان ز هرچه

Додааст бар онат даҳри маншур

داده است بر آنت دهر منشور

Май гӯии маҳоли зи онкии хуфта

می گوی محال ز آنکه خفته

Бошад ба маҳолу ҳазли маъзӯр

باشد به محال و هزل معذور

Накушояд низ чашму гӯшам

نگشاید نیز چشم و گوشم

Ранги қадаҳу таранги танбур

رنگ قدح و ترنگ تنبور

Парандаи замон ҳаме хӯрдмон

پرنده زمان همی خوردمان

Ангури шудему даҳри занбӯр

انگور شدیم و دهر زنبور

Пухта шудам ва чу гашти пухта

پخته شدم و چو گشت پخته

Занбӯр сазотараст ба ангур

زنبور سزاتر است به انگور

Тирааст ва минора ме набинад

تیره است و مناره می‌نبیند

Он чашм ки мӯӣ дидӣ аз давр

آن چشم که موی دیدی از دور

Бистараднигор дасти айём

بسترد نگار دست ایام

Зини хонапурнигор маъмур

زین خانهٔ پرنگار معمور

Дар сур ҷаҳон шудам валикин

در سور جهان شدم ولیکن

Баси лоғари бозгаштам аз сур

بس لاغر بازگشتم از سور

Зини сури басии зи ман бтар рафт

زین سور بسی ز من بتر رفت

Искандару Ардашеру шопӯр

اسکندر و اردشیر و شاپور

Гар ту сӯии сур май рӯй рӯ

گر تو سوی سور می‌روی رو

Рӯзати хуши боду саъии мшкўр

روزت خوش باد و سعی مشکور

Доне ки чигуна гашти хоҳӣ ?

دانی که چگونه گشت خواهی؟

Андари падарат нигаҳ кун , эй пӯр

اندر پدرت نگه کن، ای پور

Андӯда Рахши замон ба зари об

اندوده رخش زمان به زر آب

Олӯдаи сараш ба гирди кофур

آلوده سرش به گرد کافور

Зинҳор ки бо замони нкўшӣ

زنهار که با زمان نکوشی

Кин бади ху душманӣаст Мансур

کاین بد خو دشمنی است منصور

Бе лашкари ақл ва дайн нагардад

بی‌لشکر عقل و دین نگردد

Аз марди сипоҳи даҳри мақҳур

از مرد سپاه دهر مقهور

Аз илму хирад сипар кун ва худ

از علم و خرد سپر کن و خود

Вази фазлу адаби дбўсу сотўр

وز فضل و ادب دبوس و ساطور

Вари зии ту ҷаҳон ба тоъат ояд

ور زی تو جهان به طاعت آید

Зинҳор бидон мабош мағрур

زنهار بدان مباش مغرور

Зеро ки ба зери нӯш ва хазаш

زیرا که به زیر نوش و خزش

Нешаст ниҳону заҳри мастур

نیش است نهان و زهر مستور

Ин нокасро ман озмудам

این ناکس را من آزمودم

Феълаши ҳама макр дидаму зӯр

فعلش همه مکر دیدم و زور

Ҷодӯаст ба феъли зишти зинҳор

جادوست به فعل زشت زنهار

Ғарра нашӯй ба сӯрати ҳур

غره نشوی به صورت حور

Гетӣ ба мисли сарой кор аст

گیتی به مثل سرای کار است

То рӯзи қиёму нафхати сувар

تا روز قیام و نفخت صور

Ҷуз кор кунӣ ба дайни азинҷо

جز کار کنی به دین ازینجا

Берун нашавад азизу мастур

بیرون نشود عزیز و مستور

Гар кор кунӣ азиз бошӣ

گر کار کنی عزیز باشی

Фардо ки диҳанд музди муздур

فردا که دهند مزد مزدور

Вари деви зи кор боз дорадат

ور دیو ز کار باز داردت

Ранҷури буиу хору мдҳўр

رنجور بوی و خوار و مدحور

Имрӯзи ту мейри шаҳри хешӣ

امروز تو میر شهر خویشی

Ки ти панҷ раияти маъмур

که‌ت پنج رعیت مامور

Бе кори чунин чаро нишинӣ

بی کار چنین چرا نشینی

Бо коркунони шаҳри пари нур ?

با کارکنان شهر پر نور؟

Ҳаргиз нашавад хасису коҳил

هرگز نشود خسیس و کاهل

Андари ду ҷаҳони бихираи машҳур

اندر دو جهان بخیره مشهور

Бингар ки агар ҷаҳон накардӣ

بنگر که اگر جهان نکردی

Эзад нашудӣ ба фазли мазкӯр

ایزد نشدی به فضل مذکور

Дил хона туаст ганҷи гирдонаш

دل خانهٔ توست گنج گردانش

Аз ҳикматҳо ба дар мансур

از حکمت‌ها به در منثور

эй ҷоҳили муфлис ар бакӯшӣ

ای جاهل مفلس ار بکوشی

Ганҷури шӯии зи илми ганҷур

گنجور شوی ز علم گنجور

Гар ҳикмати миннат дар хур ояд

گر حکمت منت در خور آید

Ганҷур шудӣу гашти моҷўр

گنجور شدی و گشت ماجور

Аз сари бФгни хумори азиро

از سر بفگن خمار ازیرا

Напазирад панди мағзи махмур

نپذیرد پند مغز مخمور