эй мари тўрои гирифтаи бути хуши забони забун ,
ای مر تو را گرفته بت خوشزبان زبون،
Ту хуши бадви супурдаи дили меҳрбони рбўн
تو خوش بدو سپرده دل مهربان ربون
Андар ҳарим менакунад ҷони ту қарор
اندر حریم می نکند جان تو قرار
То новарии дил аз ҳарами дилбарони бурун
تا ناوری دل از حرم دلبران برون
Баргир дили зи Балху бунаи тани зи баҳри дайн
برگیر دل ز بلخ و بنِه تن ز بهر دین
Чун ман ғарибу зор ба Мозандарони дарун
چون من غریب و زار به مازندران درون
Зеро ки айбу иллати кундии кордор
زیرا که عیب و علت کندی کاردار
Савҳон алоҷ донад карду Фсони фусун
سوهان علاج داند کرد و فسان فسون
Дунёи з ман биҷуст , чун ман дайни бёФтм
دنیا ز من بجست، چو من دین بیافتم
Тоъат ҳамем дорад дандони кунон кунун
طاعت همیم دارد دندانکَنان کنون
Гар бар сари бароварии зи гиребони дайни ҳақ
گر سر برآوری ز گریبان دین حق
Бо нокасони каллаи зан ва бо хосрони срўн
با ناکسان کله زن و با خاسران سرون
Бо аҳли хеши гавҳари дайни ту равшан аст
با اهل خویش گوهر دین تو روشن است
ӣнҷост монда дар кафи бегонагони нигун
اینجاست مانده در کف بیگانگان نگون
Бо аҳли илму мард хирадманд кун , макун
با اهل علم و مرد خردمند کن، مکن
Бо мардумони хас ба мисли бо сегон сукӯн
با مردمان خس به مثل با سگان سکون
Ноед зи чӯби кажи сутун ,гар ту ростӣ
ناید ز چوب کژّ ستون، گر تو راستی
Дайнро ба ҷуз ту нест сӯии расатони сутун
دین را به جز تو نیست سوی راستان ستون
Ҳушёр бошу рости рӯ ва ҳар сӯии мтоз
هشیار باش و راست رو و هر سوی متاز
Дар ҷӯйу ҷири ҷаҳл чу ин моҳёни ҳиўн
در جوی و جرّ جهل چو این ماهیان هیون
Мағзати тиҳии зи илму меъдаи т аз таоми пар
مغزت تهی ز علم و معدهت از طعام پر
Ҳилл то чу хар кунанд пари ин хрбтони бутун
هل تا چو خر کنند پر این خربطان بطون