Ҳаркас ки дид холу хату мӯӣ ва рӯй ту

هرکس که دید خال و خط و موی و روی تو

Ошуфта шуд чу мӯии ту бар гирд рӯй ту

آشفته شد چو موی تو بر گرد روی تو

Дар ҷусту ҷӯии васли ту ва гуфту гӯии ту

در جست و جوی وصل تو و گفت و گوی تو

Саргаштаам ба ҳар тараф аз орзӯии ту

سرگشته ام به هر طرف از آرزوی تو

Ноқобиласт он ки баномад ба кӯии ту

ناقابل است آن که بنامد به کوی تو

Он кас ки дар гузор ту афтод қобил аст

آن کس که در گذار تو افتاد قابل است

Рӯзи азал ки меҳри туро дар хури омадам

روز ازل که مهر ترا در خور آمدم

Чун дона Эй фитод аз он бар сари омадам

چون دانه ای فتاد از آن بر سر آمدم

Як чанд ба хӯша рафтаму гавҳари омадам ( ? )

یک چند به خوشه رفتم و گوهر آمدم (؟)

Охир ба даври доси фалак чун даромадам

آخر به دور داس فلک چون درآمدم

Чандон ки гирд хирман ҳастӣ баромадам

چندان که گرد خرمن هستی برآمدم

Коҳӣ наёфтам ки зи зикри ту ғофил аст

کاهی نیافتم که ز ذکر تو غافل است

Бурдор аз рух эй маи номеҳрбон ! ниқоб

بردار از رخ ای مه نامهربان! نقاب

То мунфаил шавад зи ҷамоли ту офтоб

تا منفعل شود ز جمال تو آفتاب

Дорам баёни ҳалқаи зулфати ҳазор тоб

دارم بیان حلقه زلفت هزار تاب

Дар оташи фироқи ту дил мешавад кабоб

در آتش فراق تو دل می شود کباب

Аз орзӯии рӯати ташна бимирам нанигарам ба об ( ? )

از آرزوی روت تشنه بمیرم ننگرم به آب (؟)

Оби ҳаёт бе ту марои заҳр қотил аст

آب حیات بی تو مرا زهر قاتل است

Рӯй ту шамъи маҷлис мисатон ошност

روی تو شمع مجلس مستان آشناست

Ойӣнаи ҷамоли ту ҷом ҷаҳон намост

آیینه جمال تو جام جهان نماست

Миҳроби абрӯии ту маро қибла дуост

محراب ابروی تو مرا قبله دعاست

Дар даври чашми масти туам май насиби мост

در دور چشم مست توام می نصیب ماست

Ҳар сӯфӣ эй ки бода нанушед бе салост

هر صوفی ای که باده ننوشید بی صلاست

Ҳар олимӣ ки ишқ наварзед ҷоҳил аст

هر عالمی که عشق نورزید جاهل است

Обӣ агар зи ктм адам оядат ба ёд

آبی اگر ز کتم عدم آیدت به یاد

Аз обу хоку оташ тан бигузарӣ чу бод

از آب و خاک و آتش تن بگذری چو باد

Кайхусраву Сикандару Ковӯсу киқбод

کیخسرو و سکندر و کاووس و کیقباد

Бар манзил ҷаҳон заданд хаймаи мурод

بر منزل جهان زدند خیمه مراد

Рӯзӣ агар ба кӯии Муродии рисии имод !

روزی اگر به کوی مرادی رسی عماد!

Онҷо мақом туаст гузар кун ки манзил аст

آنجا مقام توست گذر کن که منزل است