То ҳавои тӯбои қад ту дорад ҷони мо
تا هوای طوبی قد تو دارد جان ما
Ҳаст манзили оят « тӯбои ?лаам » дар шаъни мо
هست منزل آیت «طوبی لهم » در شأن ما
Қиблау имон ошиқ нест ало рӯй дӯст
قبله و ایمان عاشق نیست الا روی دوست
То ки ҳаст ва буд ва бошад қиблау имони мо
تا که هست و بود و باشد قبله و ایمان ما
Дар азал чун бо ту паймони муҳаббат баста ем
در ازل چون با تو پیمان محبت بسته ایم
Ҳаст чун ҳасани ту боқӣ то абади паймони мо
هست چون حسن تو باقی تا ابد پیمان ما
Бар сари зулф ту хоҳад рафт бози ин дайну дил
بر سر زلف تو خواهد رفت باز این دین و دل
Ин дили ошуфтаи ҳолу ҷони саргардони мо
این دل آشفته حال و جان سرگردان ما
Ашк сурх омад гувоҳу зардӣ рух шуд далел
اشک سرخ آمد گواه و زردی رخ شد دلیل
Ҳол мо мекун қиёс аз ҳуҷҷату бурҳони мо
حال ما میکن قیاس از حجت و برهان ما
Хоб аз онру хуш намеояд ба чашми мо ки ҳаст
خواب از آنرو خوش نمی آید به چشم ما که هست
Хайли султони хаёлати рӯзу шаби меҳмони мо
خیل سلطان خیالت روز و شب مهمان ما
Васли рӯятгар шабии меҳмон мо гардад зи лутф
وصل رویت گر شبی مهمان ما گردد ز لطف
Ҷинат ва фирдавс гардад кулбаи аҳзони мо
جنت و فردوس گردد کلبه احزان ما
Ҳоли дарди хоси моро бо табиб эй дил магӯ
حال درد خاص ما را با طبیب ای دل مگو
Каз табиб ом натавон ёфтан дармони мо
کز طبیب عام نتوان یافتن درمان ما
Хусрави анҷум ба ҷои худ будгар бандаи вор
خسرو انجم به جای خود بود گر بنده وار
Бар миёни бандади камари пеши рухи султони мо
بر میان بندد کمر پیش رخ سلطان ما
Бо насимии буи зулфаш мекунад ҳрдми хитоб
با نسیمی بوی زلفش می کند هردم خطاب
К-эии насими рӯҳпарвар зон мое зон мо
کای نسیم روحپرور زان مایی زان ما