Салтанат кӣ кунад он шоҳ ки дарвеш нашуд

سلطنت کی کند آن شاه که درویش نشد

Ошно кӣ шавад он дил ки ба худ хеш нашуд

آشنا کی شود آن دل که به خود خویش نشد

намекунад орзӯии васли ту ҳаркаси лекин

می کند آرزوی وصل تو هرکس لیکن

Кори давлат ба ҳавоу ҳавасӣ пеш нашуд

کار دولت به هوا و هوسی پیش نشد

Қимати марҳами васл ту надонист онкў

قیمت مرهم وصل تو ندانست آنکو

Дар раҳи васли тўоши пои талаб риш нашуд

در ره وصل تواش پای طلب ریش نشد

Толиби дарди ту ҳаргиз накунад ёди даво

طالب درد تو هرگز نکند یاد دوا

Кон ки бемор ту шуд офият андеш нашуд

کان که بیمار تو شد عافیت اندیش نشد

Гарчи шуд сабри ману ишқи ту , ҳрдм кам ва беш

گرچه شد صبر من و عشق تو، هردم کم و بیش

Бо ту аҳдӣ ки дилами баст кам ва беш нашуд

با تو عهدی که دلم بست کم و بیش نشد

Он ки аз хон висолат ба навое барисед

آن که از خوان وصالت به نوایی برسید

Аз Наими ду ҷаҳони муфлис ва дарвеш нашуд

از نعیم دو جهان مفلس و درویش نشد

То абади дӯстӣ рӯй накӯи дайн ман аст

تا ابد دوستی روی نکو دین من است

Ҳеҷ соҳиби назарии мункири ин кеш нашуд

هیچ صاحب نظری منکر این کیش نشد

Ҷон агар шуд з май ишқи ту бе худ чаҳ аҷаб

جان اگر شد ز می عشق تو بی خود چه عجب

Кист аз мастии ин ҷуръа ки бехеш нашуд

کیست از مستی این جرعه که بی‌خویش نشد

Ба висоли ту насимӣ чаҳ кунад малики ҷаҳон

به وصال تو نسیمی چه کند ملک جهان

Бо чунон нӯш касе мултафит неш нашуд

با چنان نوش کسی ملتفت نیش نشد