Ақлро савдои гесуии ту маҷнӯн ме кунад
عقل را سودای گیسوی تو مجنون میکند
Фикри он занҷири пари савдои аҷаб чун ме кунад
فکر آن زنجیر پر سودا عجب چون میکند
Ҳаст абрӯии ту он ҳарфӣ ки номашро илоҳ
هست ابروی تو آن حرفی که نامش را اله
Дар каломи кибриё қабл аз « қалам » « навен » ме кунад
در کلام کبریا قبل از «قلم» «نون» میکند
Сӯрат рӯй ту бар ҳар дил ки меояд фурӯ
صورت روی تو بر هر دل که میآید فرو
Нақш ҳар андешаро зон хона берун ме кунад
نقش هر اندیشه را زان خانه بیرون میکند
Он ки мехонд ба лؤлؤи назми дандони туро
آن که میخواند به لؤلؤ نظم دندان ترا
Беадаб , кам ҳурматӣ бо дар макнун ме кунад
بیادب، کمحرمتی با دُرّ مکنون میکند
Дар азал бо ишқи рӯяти ҷони мо буд ошно
در ازل با عشق رویت جان ما بود آشنا
Ъшқбозии ҷони ман бо ту на акнӯн ме кунад
عشقبازی جان من با تو نه اکنون میکند
Ишқи мо зон лоязол омад ки айши масти ишқ
عشق ما زان لایزال آمد که عیش مست عشق
Нест он ишқӣ ки масти хамр ва афюн ме кунад
نیست آن عشقی که مست خمر و افیون میکند
Чашми беҳбӯдӣ чаҳ дорӣ зон табиб эй дил ки ӯ
چشم بهبودی چه داری زان طبیب ای دل که او
Чораи бемории савдо ба маъҷун ме кунад
چاره بیماری سودا به معجون میکند
Ҳаркиро номаш ба дарвешии баромад бар дарат
هرکه را نامش به درویشی برآمد بر درت
Кӣ назар дар малики ҷам ё ганҷ қорун ме кунад
کی نظر در ملک جم یا گنج قارون میکند
зи оташи меҳрати вуҷӯдам гарчи май коҳад чу шамъ
ز آتش مهرت وجودم گرچه میکاهد چو شمع
Ҷонами он сӯзӣ ки дорад дар дил афзӯн ме кунад
جانم آن سوزی که دارد در دل افزون میکند
Хирқа хилват нишинон чун сиёҳ ва азрақ аст
خرقه خلوتنشینان چون سیاه و ازرق است
эй хушо он кӯ ба май рухсора гулгун ме кунад
ای خوشا آن کو به می رخساره گلگون میکند
Бар насимии сояи зулфи ту то афтода аст
بر نسیمی سایه زلف تو تا افتاده است
Салтанат дар таҳти он зилл ҳумоюн ме кунад
سلطنت در تحت آن ظل همایون میکند