Ба ҷони васл ту мехоҳам валикин барнаме ояд

به جان وصل تو می‌خواهم ولیکن برنمی‌آید

Ба дасти ошиқи ин давлат ба ҷон ва сар наме ояд

به دست عاشق این دولت به جان و سر نمی‌آید

Сари зулфаши раҳо кардан , ба ҷон , натавон зи даст эй дил

سر زلفش رها کردن، به جان، نتوان ز دست ای دل

Ки умрии кони зи каф берун равад дигар наме ояд

که عمری کان ز کف بیرون رود دیگر نمی‌آید

Дилам чун бо сар зулфаш кунад азми сафар бо ӯ

دلم چون با سر زلفش کند عزم سفر با او

Ба манзили ҷузи маи рӯйиш касе раҳбар наме ояд

به منزل جز مَهِ رویش کسی رهبر نمی‌آید

Ба хӯбӣ мекунад даъвӣ ки бо рӯйиш барояд ма

به خوبی می‌کند دعوی که با رویش برآید مَهْ

( чу рӯйиш дид медонад ки бо ӯ барнаме ояд )

(چو رویش دید می‌داند که با او برنمی‌آید)

( ба рағми мункири рӯяти ман он ҳақи байн ҳақ донам )

(به رغم منکر رویت من آن حق‌بین حق‌دانم)

Ки ҷуз рӯй туами рӯе бар ин рӯ бар наме ояд

که جز روی توام رویی بر این رو بر نمی‌آید

Лабаш мехонд эй соқии сқоҳм рбҳм бишинав

لبش می‌خواند ای ساقی سقاهُم ربهم بشنو

Ки маҳрӯм аз май ваҳдат бар ин соғар наме ояд

که محروم از مِیِ وحدت بر این ساغر نمی‌آید

Ба дарёии ғами ишқаши фурӯи рӯгар гуҳари хоҳӣ

به دریای غم عشقش فرو رو گر گهر خواهی

Ки касро андари ин дарё ба каф гавҳар наме ояд

که کس را اندر این دریا به کف گوهر نمی‌آید

зи чашми дилбарам бар дил чаҳ меояд чаҳ май пурсӣ

ز چشم دلبرم بر دل چه می‌آید چه می‌پرسی

Маро бар дил чаҳ чизаст он казон дилбар наме ояд

مرا بر دل چه چیز است آن کزان دلبر نمی‌آید

Насимии сӯрати ҳақро , ба ҳақ , рӯй ту ме донад

نسیمی صورت حق را، به حق، روی تو می‌داند

Чаҳ бошад мункири ҳақро ,гараш бовар наме ояд

چه باشد منکرِ حق را، گَرَش باور نمی‌آید