Бар сари кӯй ту дорам сари сарбозии боз

بر سر کوی تو دارم سر سربازی باز

Сайд шуд мурғи зафар , чун накунад бозии боз ?

صید شد مرغ ظفر، چون نکند بازی باز؟

Сайр шуд хотирам аз гӯшаи нишинӣ , дорам

سیر شد خاطرم از گوشه نشینی، دارم

Ҳамчуи чашми хуши ту хонаи барандозии боз

همچو چشم خوش تو خانه براندازی باز

намедиҳад ҷон ба ҳавои сари зулфи ту насим

می دهد جان به هوای سر زلف تو نسیم

Бо ман ӯро з куҷо шуд сари анбозии боз

با من او را ز کجا شد سر انبازی باز

Дар саропои ту , эй сарви равон май байнам

در سراپای تو، ای سرو روان می بینم

Ки ҳамаи ҳасану ҳамаи лутфу ҳамаи нозии боз

که همه حسن و همه لطف و همه نازی باز

Кардае ҳоҷиб , абрӯии камондор эй ма

کرده ای حاجب، ابروی کماندار ای مه

То дили халқ ба тир мижа андозӣ боз

تا دل خلق به تیر مژه اندازی باز

Дили сўдоздаҳ бар оташи ғами сӯхт чу авд

دل سودازده بر آتش غم سوخت چو عود

эй табиби дили ман чора чаҳ майсозӣ боз ?

ای طبیب دل من چاره چه می سازی باز؟

Ту бад-ӣни қомат агар дар чамани оеи рӯзӣ

تو بدین قامت اگر در چمن آیی روزی

Назанад сарви сеӣ лофи сарафрозии боз

نزند سرو سهی لاف سرافرازی باز

Ҷони бемори насимӣ ба ҷудоӣ то кӣ

جان بیمار نسیمی به جدایی تا کی

Чун тан шамъ бисӯзонеу бгдозии боз

چون تن شمع بسوزانی و بگدازی باز