Гули зи хиҷолат об шуд пеши рухнигор ман
گل ز خجالت آب شد پیش رخ نگار من
Сурхи баромад аз ҳаёи лолаи зи шарми ёри ман
سرخ برآمد از حیا لاله ز شرم یار من
Масти ҷамол худ кунад олами амру халқ ро
مست جمال خود کند عالم امر و خلق را
Бурқаъ агар барафканад соқии глъзори ман
برقع اگر برافکند ساقی گلعذار من
Масти шароби орзӯ , кӣ раҳад аз хумори ғам ?
مست شراب آرزو، کی رهد از خمار غم؟
То нахурд ба сидқи дили бодаи хушгувори ман
تا نخورد به صدق دل باده خوشگوار من
Бар тани мурда май дамад чун нафаси Масеҳи ҷон
بر تن مرده می دمد چون نفس مسیح جان
Ҳар тарафӣ ки меравад буии гулу баҳори ман
هر طرفی که می رود بوی گل و بهار من
То шудаам чу мқблони сайди каманди сунбулаш
تا شده ام چو مقبلان صید کمند سنبلش
Ҳаст ба рағбати омадаи шери фалаки шикори ман
هست به رغبت آمده شیر فلک شکار من
( шамси мунир кӣ буд чун маи бадари глрхм ?
(شمس منیر کی بود چون مه بدر گلرخم؟
Сарви қадаши ниҳоли ҷони вирди Рахши дсори ман )
سرو قدش نهال جان ورد رخش دثار من)
Мусҳафи ҳасан дилбарам ҳаст ду чордаҳ вале
مصحف حسن دلبرم هست دو چارده ولی
Сӣ ва дуаст аз онкии он моҳи ду панҷу чори ман
سی و دو است از آنکه آن ماه دو پنج و چار من
Ман ки зи маҷлиси азали масти аноолҳқи омадам
من که ز مجلس ازل مست اناالحق آمدم
Чун назанад шаҳи абад бар сари арши дори ман
چون نزند شه ابد بر سر عرش دار من
эй ки з ишқ гуфтае даст бидор ва тавба кун
ای که ز عشق گفته ای دست بدار و توبه کن
Ишқи ҷамоли дилбарон то абадаст кори ман
عشق جمال دلبران تا ابد است کار من
Санги фанои зи осмон гар бирасад чаҳ бок аз он
سنگ فنا ز آسمان گر برسد چه باک از آن
Шукр ки нест аз амали шишаи зуҳд , бори ман
شکر که نیست از عمل شیشه زهد، بار من
( ҳаст насимӣ ! дар ҷаҳони сӣ ва ду нутқи лоязол
(هست نسیمی! در جهان سی و دو نطق لایزال
Рӯз ба маҳшари ҷазои давлати барқарори ман )
روز به محشر جزا دولت برقرار من)