Хӯни бабор аз мижае дида ! ки дилдор бирафт

خون ببار از مژه ای دیده! که دلدار برفت

Мӯниси ҷону қарори дил бемор бирафт

مونس جان و قرار دل بیمار برفت

Гарчи бошад ҳамаи касро дили озурдаи зи дард

گرچه باشد همه کس را دل آزرده ز درد

Дарди ман ин ки марои ёри дил озор бирафт

درد من این که مرا یار دل آزار برفت

Дӯш дар савмиъаи дили зикри ду зулфат ме гуфт

دوش در صومعه دل ذکر دو زلفت می گفت

Зоҳиди хирқаи параст аз пай зуннор бирафт

زاهد خرقه پرست از پی زنار برفت

Бошад аз кори ҷаҳони кори ту коми дили ман

باشد از کار جهان کار تو کام دل من

Корам аз дасту дил ва , дасту дил аз кор бирафт

کارم از دست و دل و، دست و دل از کار برفت

Ҷонам омад ба лаб аз сӯзи даруни воқифи шӯ

جانم آمد به لب از سوز درون واقف شو

Чанд пӯшами ғами дил ? парда асрор бирафт

چند پوشم غم دل؟ پرده اسرار برفت

Ҳар нафас дар ҷигарам мешаканд хори фироқ

هر نفس در جگرم می شکند خار فراق

То зи чашмам чу чароғи он гул рухсор бирафт

تا ز چشمم چو چراغ آن گل رخسار برفت

Ҷони бемори насимии зи ҷаҳон , масту хароб

جان بیمار نسیمی ز جهان، مست و خراب

Ба ҳаводории он наргис хумор бирафт

به هواداری آن نرگس خمار برفت