Дасти қудрат бар изорати холи мишкӣн то ниҳод

دست قدرت بر عذارت خال مشکین تا نهاد

Ҷон фитод аз ғам бар оташ , дил бар он савдои ниҳод

جان فتاد از غم بر آتش، دل بر آن سودا نهاد

То ки тарк сар нагӯйӣ , даъвӣ ишқаш магӯ

تا که ترک سر نگویی، دعوی عشقش مگو

Зон ки бо савдои сар , дар ишқ натавон пои ниҳод

زان که با سودای سر، در عشق نتوان پا نهاد

Дили з зулфаш барграфтам то нуҳуми ҷой дигар

دل ز زلفش برگرفتم تا نهم جای دگر

Ҷони зи ман бастади рӯонаши бози баради онҷои ниҳод

جان ز من بستد روانش باز برد آنجا نهاد

Ҳар замон дар кишвари дили ғорат ақласту дайн

هر زمان در کشور دل غارت عقل است و دین

Лашкари ишқи Рахш то даст бар яғмои ниҳод

لشکر عشق رخش تا دست بر یغما نهاد

Сари асмо бар малик махфӣ намонад баъд аз ин

سر اسما بر ملک مخفی نماند بعد از این

Донаи холи Рахш чун нуқта бар асмои ниҳод

دانه خال رخش چون نقطه بر اسما نهاد

То камоли дилбарии эзад ба абрӯӣ ту дод

تا کمال دلبری ایزد به ابروی تو داد

Фитнаи чашми ту аз ҳад рафту пои болои ниҳод

فتنه چشم تو از حد رفت و پا بالا نهاد

Он ки дар ойӣна рӯй ту рӯй ҳақ надид

آن که در آیینه روی تو روی حق ندید

Ном ӯро дар ҳақиқати ишқи нобӣнои ниҳод

نام او را در حقیقت عشق نابینا نهاد

Ишқи он зебои ниҳодам дар ниҳод афтод ва ман

عشق آن زیبا نهادم در نهاد افتاد و من

Дар ниҳодам нест алои ишқи он зебои ниҳод

در نهادم نیست الا عشق آن زیبا نهاد

Чун надорӣ мислиу ҳамтои ҳам ба сирати ҳам ба ҳасан

چون نداری مثل و همتا هم به سیرت هم به حسن

Орифи ҳақи байн аз он номи ту бе ҳамтои ниҳод

عارف حق بین از آن نام تو بی‌همتا نهاد

То сабо воқиф шуд аз асрори зулфу оризат

تا صبا واقف شد از اسرار زلف و عارضت

Рози ҷони ошиқонро ҷумла бар саҳрои ниҳод

راز جان عاشقان را جمله بر صحرا نهاد

То ба дасти дили насимии доман зулфат гирифт

تا به دست دل نسیمی دامن زلفت گرفت

Пои рифъат бар фарози торами минои ниҳод

پای رفعت بر فراز طارم مینا نهاد