Гар саодати назарӣ бар ман зор андозад

گر سعادت نظری بر من زار اندازد

Бар серуми сояи сарви қад ёр андозад

بر سرم سایه سرو قد یار اندازد

Давр аз он ёру диёрами назар саъд куҷост

دور از آن یار و دیارم نظر سعد کجاست

То маро боз бидон ёр ва диёр андозад

تا مرا باز بدان یار و دیار اندازد

Он ки шуд масти ғурур аз май пиндори имрӯз

آن که شد مست غرور از می پندار امروز

Мунтазир бош ки фардоаш хумор андозад

منتظر باش که فرداش خمار اندازد

Сабабии сози худоё ки табибами назарӣ

سببی ساز خدایا که طبیبم نظری

Бар дили хаста бесабр ва қарор андозад

بر دل خسته بی صبر و قرار اندازد

Ман ки бошам ки шавам кушта ба теғаши магар ӯ

من که باشم که شوم کشته به تیغش مگر او

Аз карами соя бар ин сайд назор андозад

از کرم سایه بر این صید نزار اندازد

Пеши абрӯии камондор ту меРом ки мудом

پیش ابروی کماندار تو میرم که مدام

Тири мижгони ҳама бар ошиқ зор андозад

تیر مژگان همه بر عاشق زار اندازد

Гар баради буии сари зулфи турои бод ба чин

گر برد بوی سر زلف ترا باد به چین

Хӯни дил дар ҷигари машк ттор андозад

خون دل در جگر مشک تتار اندازد

Гар кунад чашми ту бар гӯша нишинон назарӣ

گر کند چشم تو بر گوشه نشینان نظری

Мастӣу арбада дар савмиъа дор андозад

مستی و عربده در صومعه دار اندازد

Чун шуд аз давлати васли ту насимии Мансур

چون شد از دولت وصل تو نسیمی منصور

Вақт онаст ки сар дар сар дор андозад

وقت آن است که سر در سر دار اندازد