Шуд фириштаи бод бар маркази навон
شد فرشته باد بر مرکز نوان
Ки фиришта об шуд сӯяши равон
که فرشته آب شد سویش روان
Гуфт : к-эй дар баҳри Мӯсоро далел
گفت: کای در بحر موسی را دلیل
Сӯй ту овардаам сад равад нил
سوی تو آورده ام صد رود نیل
Ҳин фурӯзони сайлҳо дар ғарбу шарқ
هین فروزان سیل ها در غرب و شرق
Яксар ин фиръавнёнро сози ғарқ
یکسر این فرعونیان را ساز غرق
Кун зи бунёди ин саводи мхтрм
کن ز بنیاد این سواد مخترم
Чун сабо бар канда аз сайли ърм
چون سبا بر کنده از سیل عرم
Ҳукм кун эй Нӯҳ то созами ғариқ
حکم کن ای نوح تا سازم غریق
Ҷумла дар ғарқоби тӯфони ин Фриқ
جمله در غرقاب طوفان این فریق
Обро бар қибтӣон май сози хӯн
آبرا بر قبطیان می ساز خون
эй ту Мӯсоро ба водии раҳнамӯн
ای تو موسی را به وادی رهنمون
Гуфт : к-эии аФрштаҳи фархундаи кеш
گفت: کای افرشتهٔ فرخنده کیش
Узри пешовар ки барадии оби хеш
عذر پیش آور که بردی آب خویش
Қудрат аллоҳ нест муҳтоҷи мадад
قدرت الله نیست محتاج مدد
Рӯ фурӯ хон қул ҳўи аллоҳи аҳад
رو فرو خوان قل هُو الله احد
Ҳафт дарёро макон аз мушти мост
هفت دریا را مکان از مشت ماست
Обҳоро манба аз ангушти мост
آبها را منبع از انگشت ماست
Оби кӯи бади ҳомили арши Маҷид
آب کو بُد حامل عرش مجید
эй фириштаи худ з мо омад падед
ای فرشته خود ز ما آمد پدید
Ман намудем шқ ба Мӯсои нил ро
من نمودم شقّ به موسی نیل را
Ворҳондм аз ваии Исроил ро
وارهاندم از وی اسرائیل را
Хоҳам ар ин хокдон , кардани хароб
خواهم ار این خاکدان، کردن خراب
Май кашам аз ҷунбишӣ яксар дар об
می کشم از جنبشی یکسر در آب
Амри моро бастаи тавқи инқиёд
امر ما را بسته طوق انقیاد
Асттқси обу оташ , хоку бод
استطقس آب و آتش، خاک و باد
эй фириштаи об , роҳи хеши гир
ای فرشتهٔ آب، راه خویش گیر
Раҳ каз онҷои омдстӣ , пеши гир
ره کز آنجا آمدستی، پیش گیر
Оташами тарсами зи тоби илтиҳоб
آتشم ترسم ز تاب التهاب
Оби ҳайтро кунад яксар сароб
آب هایت را کند یکسر سراب