Шуд фириштаи об ва пеш омад ғамин

شد فرشتۀ آب و پیش آمد غمین

Хоки безон бар сари афроштаи замин

خاک بیزان بر سر افراشته زمین

Гуфт к-эии нозон ба ту ҷонҳои пок

گفت کای نازان به تو جان های پاک

эй ту мақсӯд аз мизоҷи обу хок

ای تو مقصود از مزاج آب و خاک

Бод аз файзи дамат дар эҳтизоз

باد از فیض دمت در اهتزاز

Оташ аз тоби ғамат дар сӯзу соз

آتش از تاب غمت در سوز و ساز

Даҳ иҷозат то зи хсФи ин гуруҳ

ده اجازت تا ز خسف این گروه

Афканами зилзол дар саҳроу кӯҳ

افکنم زلزال در صحرا و کوه

ё чу қавми лути созами сарнигӯн

یا چو قوم لوط سازم سرنگون

Нак замин бар ин сияҳи бахатони дун

نک زمین بر این سیه بختان دون

Гуфт шаҳ : оўх ки бо худ нестӣ

گفت شه: آوخ که با خود نیستی

Боз кун чашм ва бибин бо кистӣ

باز کن چشم و ببین با کیستی

намендонӣ ки зи амри коф ва навен

می ندانی که ز امر کاف و نون

Хокро ман додаам табъи сукӯн

خاک را من داده ام طبع سکون

Шуд кулем аз Ямани мо соҳиби ямин

شد کلیم از یمن ما صاحب یمین

То фурӯ балъед қорунро замин

تا فرو بلعید قارون را زمین

Мо сириштем ин ҷсўм аз хоку об

ما سرشتیم این جسوم از خاک و آب

Зон бар омад номи боБами Бутуроб

زان بر آمد نام بابم بوتراب

эй фириштаи мо ямин доварем

ای فرشته ما یمین داوریم

Мо куҷои муҳтоҷи Авн ва ёварем

ما کجا محتاج عون و یاوریم

Ман б ъмдои худ бар ин дарё задам

من ب عمداً خود بر این دریا زدم

Пой бар дунё ва мо фӣҳо задам

پای بر دنیا و ما فیها زدم

Рӯи бҳл то об ӯ хоками барад

رو بهل تا آب او خاکم برد

Поки сӯии олами поками барад

پاک سوی عالم پاکم برد