Аҳдҳо шуд ки накардӣ ба нигоҳии шодам

عهدها شد که نکردی به نگاهی شادم

Сусти ъҳдои магар аз чашми ту бози афтодам

سست‌عهدا مگر از چشم تو باز افتادم

зи хаёли сари зулфи ту маро нест гзир

ز خیال سر زلف تو مرا نیست گزیر

Ки ҷузи ин хати ҷунуни ёди надоди устодам

که جز این خط جنون یاد نداد استادم

Ту ба ширинтар аз онӣ ки ба ширини Монӣ

تو به شیرین‌تر از آنی که به شیرین مانی

Рӯ надидам агар инсоф диҳад Фарҳодам

رو ندیدم اگر انصاف دهد فرهادم

Ҳар балоят ба тан ояд кунам овезаи ҷон

هر بلایت به تن آید کنم آویزهٔ جان

Бандаи оҷизам эй хоҷа макун озодам

بندهٔ عاجزم ای خواجه مکن آزادم

Гуфтеми коми зиёди лаби ман талхи мадор

گفتیم کام زیاد لب من تلخ مدار

Ҳаргизи ин нукта ширин наравад аз ёдам

هرگز این نکتۀ شیرین نرود از یادم

Нолаи зори ман аз ваҳшат ҷон нест валек

نالۀ زار من از وحشت جان نیست ولیک

Тарсам аз заъф наёрад ба назари сайёдам

ترسم از ضعف نیارد به نظر صیادم

Ваъдаи қанд лабӣ додӣу умрии сети дароз

وعدهٔ قند لبی دادی و عمری‌ست دراز

Ки мукаррар кунамаш то наравад аз ёдам

که مکرر کنمش تا نرود از یادم

Шудам аз зулфи ту сари ҳалқаи асҳоби ҷунун

شدم از زلف تو سر حلقۀ اصحاب جنون

Гарчи ошуфта буд силсилаи аснодам

گرچه آشفته بود سلسلهٔ اسنادم

Баси харобами зи табаҳкории айёми умед

بس خرابم ز تبهکاری ایام امید

Ки кунад ҳиммати соҳиби назарии ободам

که کند همت صاحب‌نظری آبادم

Нири афканд ва ҳам шӯри ҳусайнӣ ба Ироқ

نیرّ افکند و هم شور حسینی به عراق

Гар биёянди млоик ба мубораки бодам

گر بیایند ملایک به مبارک‌بادم