Чанд беҳуда дило ӣнҳамаи афғон аз ман

چند بیهوده دلا اینهمه افغان از من

Рухи зи ман ашки зи ман дидаи гирён аз ман

رخ ز من اشک ز من دیدۀ گریان از من

Оншди аихўоҷаҳ ки аз ҷонрўди пои шикеб

آنشد ایخواجه که از جانرود پای شکیب

Конзмони дасти змн буду гиребон аз ман

کانزمان دست زمن بود و گریبان از من

Оқилон бо ҳамаи шӯридаи дилии ҳайронам

عاقلان با همه شوریده دلی حیرانم

Каз чаҳ Тифлон сиришканд ҳаросон аз ман

کز چه طفلان سرشکند هراسان از من

Хостами пеш ту гӯям ғам дил тарсидам

خواستم پیش تو گویم غم دل ترسیدم

Шавад онзлФи гиреҳгири парешон аз ман

شود آنزلف گرهگیر پریشان از من

Ки шабихун зада бар кишвари дили боз ки чашм

که شبیخون زده بر کشور دل باز که چشم

Мебарад гавҳари носуфтаи бдомон аз ман

میبرد گوهر ناسفته بدامان از من

Заъфам аз пой даровард бинол аидли зор

ضعفم از پای درآورد بنال ایدل زار

Балки безор шавад шаҳнаи зиндон аз ман

بلکه بیزار شود شحنۀ زندان از من