Чанд баради зоҳиди интизори қиёмат

چند برد زاهد انتظار قیامت

Гӯи зи қиёмати гузашти ҷилваи қомат

گو ز قیامت گذشت جلوه قامت

Дили зқёмт баростӣ натавон кунад

دل زقیامت براستی نتوان کند

Гӯи басар мо равад ҳазор қиёмат

گو بسر ما رود هزار قیامت

Басти нигоҳи ту чашми орифу омӣ

بست نگاه تو چشم عارف و عامی

Саҳар битобед бар фунуни каромат

سحر بتابید بر فنون کرامت

Дил чаҳ саломати бадӯри чашм ту бинад

دل چه سلامت بدور چشم تو بیند

Аихми абрӯи сари ту боди саломат

ایخم ابرو سر تو باد سلامت

Хӯн буд ояти зи захми моҳии дарё

خون بود آیت ز زخم ماهی دریا

Сурхии чашмати бхўни мости аломат

سرخی چشمت بخون ماست علامت

Оҳӯӣ ваҳшӣаст дили з дида Маяфкан

آهوی وحشی است دل ز دیده میفکن

Сайд чу рафт аз назар чаҳ суди надомат

صید چو رفت از نظر چه سود ندامت

Сарви қадӣ рост кард то бхромд

سرو قدی راست کرد تا بخرامد

Пеши ту дар гул фиканд раҳли иқомат

پیش تو در گل فکند رحل اقامت

Тири нигоҳӣ агар зи чашми ту гум шуд

تیر نگاهی اگر ز چشم تو گم شد

Хӯн нашуд аишўхи ҷони бабри бғромт

خون نشد ایشوخ جان ببر بغرامت

Ишқу маломати кашии ду ёр қадиманд

عشق و ملامت کشی دو یار قدیمند

Лутф мабар аз ман аихднги маломат

لطف مبر از من ایخدنگ ملامت

Пои нигорин макаши зи дидаи нир

پای نگارین مکش ز دیده نیر

Каз ҳамаи бимҳрист ва аз ту каромат

کز همه بیمهریست و از تو کرامت