Соқӣ маҷлис гушӯд зулфи самани суд
ساقی مجلس گشود زلف سمن سود
Маҷлисён пар кунед домани мақсӯд
مجلسیان پر کنید دامن مقصود
Ҳасани ту рӯзи рухи Аёз сияҳ кард
حسن تو روز رخ ایاز سیه کرد
Мужда бар эй боди субҳгоҳ , ба Маҳмӯд
مژده بر ای بادِ صبحگاه ، به محمود
Чашми Зулайхо ,гар ин ҷамол бибинад ,
چشمِ زلیخا ، گر این جمال ببیند،
Юсуфи худро диҳад бдрҳми маъдӯд
یوسف خود را دهد بدرهم معدود
Дӯст чу бо мости сози айш тамом аст
دوست چو با ماست ساز عیش تمام است
Биҳдаҳи мутриби мсози замзамаи авд
بیهده مطرب مساز زمزمۀ عود
Суҳбати хубон , зи шайху шаҳнаи ниҳон ба ,
صحبتِ خوبان ، ز شیخ و شحنه نهان بِه،
Моя ғавғост банк ноӣу дафи вуруд
مایۀ غوغاست بانک نای و دف ورود
Турраи мшгин бар оташи рухи гулгун
طرۀ مشگین بر آتش رخ گلگون
Маҷлиси моро басаст миҷмараи авд
مجلس ما را بس است مجمرۀ عود
Қуръаи холи ту то баном ман омад
قرعۀ خال تو تا بنام من آمد
Ҳеҷ нахоҳам дигар зи толеъи масъӯд
هیچ نخواهم دگر ز طالع مسعود
Васли ту аз ёди баради ваъдаи фардо
وصل تو از یاد برد وعدۀ فردا
Қиссаи мавҷӯд ба зи ғуссаи мафқуд
قصۀ موجود به ز غصۀ مفقود
Рашк бихоб оядам ки сар зада ҳар шаб
رشک بخواب آیدم که سر زده هر شب
Тнк кашад дар бар ондў чашм ме олуд
تنک کشد در بر آندو چشم می آلود
Ваа ки марои оташ халил бисӯзад
وه که مرا آتش خلیل بسوزد
Сард шуд ар бар халили оташи намруд
سرد شد ار بر خلیل آتش نمرود
Доруии маргами даҳ аитбиб ки дигар
داروی مرگم ده ایطبیب که دیگر
Кори дили нотавони гузашти зи беҳбуд
کار دل ناتوان گذشت ز بهبود
Дидаи з хубон бадухтему хато буд
دیده ز خوبان بدوختیم و خطا بود
Тири назар бар дарид ҷавшани Довӯд
تیر نظر بر درید جوشن داود
Нир аз ин табъи обдори гуҳари рез
نیرّ از این طبع آبدار گهر ریز
Бар дар шаҳ кун нисори гавҳари мнзўд
بر در شه کن نثار گوهر منضود
Мейри араби соҳиби сарири вилоят
میر عرب صاحب سریر ولایت
Меҳри сипеҳри вуҷӯду сояи маъбуд
مهر سپهر وجود و سایۀ معبود