Мурғии шикастаи дархури табар ситам набӯд
مرغی شکسته درخور تیر ستم نبود
Гирами муқӣми зулфи ту сайд ҳарам набӯд
گیرم مقیم زلف تو صید حرم نبود
Бедори бахти ман ки шудам сайди шасти ту
بیدار بخت من که شدم صید شست تو
Пайкони ҷони шикори турои сайд кам набӯд
پیکان جان شکار ترا صید کم نبود
Шуд қотил аз сари ман ва ғам мекашад маро
شد قاتل از سر من و غم میکشد مرا
Гар буд бар сронкаҳи марои кишт ғам набӯд
گر بود بر سرآنکه مرا کشت غم نبود
Онро ки дилхушаст бсирии зи бӯстон
آنرا که دلخوش است بسیری ز بوستان
Рондани з дар нишонаи аҳл карам набӯд
راندن ز در نشانۀ اهل کرم نبود
Ҷамшедро бслтнти мо чаҳ иштибоҳ
جمشید را بسلطنت ما چه اشتباه
ӯро зи даври ӣнҳамаи хайл ва ҳашам набӯд
او را ز دور اینهمه خیل و حشم نبود
Дар дафтари чакомаи хубони рӯзгор
در دفتر چکامۀ خوبان روزگار
Ҷустем нақши меҳри асарӣ зинрқм набӯд
جستیم نقش مهر اثری زینرقم نبود
Ҳасанати нигини лаъли бхт бар хатои супурд
حسنت نگین لعل بخط بر خطا سپرد
Мӯрии сазои салтанати малик ҷам набӯд
موری سزای سلطنت ملک جم نبود
Бо онкӣ бо ту бастаам аҳдии қадими ман
با آنکه با تو بسته ام عهدی قدیم من
НгрФтмии дил аз тугар ин нир ҳам набӯд
نگرفتمی دل از تو گر این نیز هم نبود
Гар ҳар санами назири ту будӣ бдлбрӣ
گر هر صنم نظیر تو بودی بدلبری
Масҷуди аҳли дили бҷҳони ҷуз санам набӯд
مسجود اهل دل بجهان جز صنم نبود
Ин ҳасратам кашад ки чу боз амдӣ биноз
این حسرتم کشد که چو باز امدی بناز
Моро сиррии бпои ту дар ҳар қадам набӯд
ما را سری بپای تو در هر قدم نبود
Маҷнӯн ки гоҳи салтанати ваҳш ва тайр ёфт
مجنون که گاه سلطنت وحش و طیر یافت
Нир чу мо бмлк бломҳтшм набӯд
نیرّ چو ما بملک بلامحتشم نبود