Назарами дӯши бадӣдори маии зебо буд
نظرم دوش بدیدار مهی زیبا بود
Шаби торики марои рӯзи ҷаҳони оро буд
شب تاریک مرا روز جهان آرا بود
Ҳолатӣ буд марои дмбдм аз ҷазбаи шавқ
حالتی بود مرا دمبدم از جذبۀ شوق
Ки асар ҳеҷ набӯд аз ман ва ӯ танҳо буд
که اثر هیچ نبود از من و او تنها بود
Мутаҳайири бҷмолш ки чаҳ сӯрат пардохт
متحیر بجمالش که چه صورت پرداخت
Қалами сунъ ки суратгари ин дебо буд
قلم صنع که صورتگر این دیبا بود
Пой то сари ҳама бо чашм тааммул мерафт
پای تا سر همه با چشم تامل میرفت
Арғавону саману Настарану мино буд
ارغوان و سمن و نسترن و مینا بود
Илми аллоҳ ки биҷузи қомати тўбои биҳишт
علم الله که بجز قامت طوبای بهشت
Ҳар чаҳ гӯям қдмўзўнш аз он боло буд
هر چه گویم قدموزونش از آن بالا بود
Ончӣ аз гулшани ризвон бҳкоит гӯйанд
آنچه از گلشن رضوان بحکایت گویند
Ҳама дар ойинаи сӯрат ӯ пайдо буд
همه در آئینه صورت او پیدا بود
ӯ чу дарёи бтмўҷи ҳам аз ҷунбишу ноз
او چو دریا بتموج هم از جنبش و ناز
Мардуми дидаи ман моҳии ондрё буд
مردم دیدۀ من ماهی آندریا بود
Лабу рӯйиши зи арақи бода бмино мекард
لب و رویش ز عرق باده بمینا میکرد
ӯ марои соқии гули пайкару маи симо буд
او مرا ساقی گل پیکر و مه سیما بود
Хӯшаи чини назар аз равиш бдомн мебарад
خوشه چین نظر از روش بدامن میبرد
Бори насрину гулу лола ки дар саҳро буд
بار نسرین و گل و لاله که در صحرا بود
Ҳама ман будаму парвонау шамъи рух ӯ
همه من بودم و پروانه و شمع رخ او
Шаҳди аллоҳ ки агар бози дилӣ бо мо буд
شهد الله که اگر باز دلی با ما بود
Нири он боғи Ирам буд ки ман медидам
نیّر آن باغ ارم بود که من میدیدم
ё биҳиштӣ ки марои лаби блби ҳўро буд
یا بهشتی که مرا لب بلب حورا بود