Ҷузи дили мо ки зи ёди ту ба парвоз ояд

جز دل ما که ز یاد تو به پرواز آید

Кас надидааст кабӯтари пай шаҳбоз ояд

کس ندیده است کبوتر پی شهباز آید

Ғами маъшуқаи мо шоҳид ҳарҷое нест

غم معشوقهٔ ما شاهد هرجایی نیست

Бар сари ошиқи дилдода ба сад ноз ояд

بر سر عاشق دلداده به صد ناز آید

Раҳ дарозаст агар раҳ надаҳум бори сафар

ره دراز است اگر ره ندهم بار سفر

Дили зи чини сари зулфи ту агар боз ояд

دل ز چین سر زلف تو اگر باز آید

Хол дар пешу сипоҳу хати мишкӣн аз пай

خال در پیش و سپاه و خط مشکین از پی

Ҳабашии зодаи нигар то ба чаҳ эъзоз ояд

حبشی‌زاده نگر تا به چه اعزاز آید

Ба нигоҳии ҳамаи худ бохтӣ эй дили ҳайҳот

به نگاهی همه خود باختی ای دل هیهات

Бош каз паии ҳашами ғамза ғаммоз ояд

باش کز پی حشم غمزۀ غماز آید

Чу зании тири бунаи марҳамаш аз бӯсаи нарм

چو زنی تیر بنه مرهمش از بوسۀ نرم

Магузор ин дили пурдард ба овоз ояд

مگذار این دل پردرد به آواز آید

Рух бпушон ки ҳазар боядаш аз айни камол

رخ بپوشان که حذر بایدش از عین کمال

Онкӣ дар ҳасану ҷамол аз ҳама мумтоз ояд

آنکه در حسن و جمال از همه ممتاز آید

Икдлии хаста ва сад тир чунон кун борӣ

یکدلی خسته و صد تیر چنان کن باری

Ки дигар мурғи ғарибӣ ба чаман боз ояд

که دگر مرغ غریبی به چمن باز آید

Гар ба мижгон кашад аз дидаи дили мо чаҳ аҷаб

گر به مژگان کشد از دیده دل ما چه عجب

Ҳарчӣ гӯйанд аз он чашми фусун соз ояд

هرچه گویند از آن چشم فسون‌ساز آید

Гуфтӣ вари умр буд мекунам оғози вафо

گفتی ور عمر بود می‌کنم آغاز وفا

Тарсами ин умр ба анҷом дар оғоз ояд

ترسم این عمر به انجام در آغاز آید

На навозади лаби шӯхам на кашад чашми сиёҳ

نه نوازد لب شوخم نه کشد چشم سیاه

Ин чаҳ рӯзӣаст ки корами ҳама аз ноз ояд

این چه روزی است که کارم همه از ناز آید

Сари як мӯии ду сад ришта ҷон дод ба ёд

سر یک موی دو صد رشتهٔ جان داد به یاد

Ҳеҷ маъшӯқ надидем ки ҷонбоз ояд

هیچ معشوق ندیدیم که جانباز آید

Дам ба дами он дил сахтам кашад ва зинда кунад

دم به دم آن دل سختم کشد و زنده کند

Нир аз санг надидем ки эъҷоз ояд

نیرّ از سنگ ندیدیم که اعجاز آید

эй амири араб аз хок дарат нир ро

ای امیر عرب از خاک درت نیرّ را

Гар бароне наравад вар баравад боз ояд

گر برانی نرود ور برود باز آید

Сазад ар пой наад бар сари шоҳони ҷаҳон

سزد ار پای نهد بر سر شاهان جهان

Гар гадоӣ ба ғуломят сарафроз ояд

گر گدایی به غلامیت سرافراز آید

Шеъри мангар ба сари турбат саъдӣ гузарад

شعر من گر به سر تربت سعدی گذرد

Корвони шукр аз Миср ба Широз ояд

کاروان شکر از مصر به شیراز آید