Теша бар по задӣ ар доғи маниш дар дил буд

تیشه بر پا زدی ار داغ منش در دل بود

Он қавии панҷа ки дар кӯҳкании комил буд

آن قوی پنجه که در کوهکنی کامل بود

Бачаи дили оинаи акси ту дар оғӯш кашид

بچه دل آینه عکس تو در آغوش کشید

Магар аз оҳи саҳаргоҳии мо ғофил буд

مگر از آه سحرگاهی ما غافل بود

Барадам аз сӯзи ҷигари лобаи зи ҳади пеши рақиб

بردم از سوز جگر لابه ز حد پیش رقیب

Ҳолат ғарқа надонист ки дар соҳил буд

حالت غرقه ندانست که در ساحل بود

Тунд бигузашту марои сайли ғам аз сар бигузашт

تند بگذشت و مرا سیل غم از سر بگذشت

Шукрҳо дорам аз ин барқ ки мстъҷл буд

شکرها دارم از این برق که مستعجل بود

Бғромт бикаш эй зулф ба бандам ки зи умр

بغرامت بکش ای زلف به بندم که ز عمر

Ҳар чаҳ ҷузи ҳарф ҷунун шуд ҳамаи биҳосл буд

هر چه جز حرف جنون شد همه بیحاصل بود

Мшгли хеши ббрдми бодби пеши ҳаким

مشگل خویش ببردم بادب پیش حکیم

Чун бснҷидмш ӯ низ чу ман ҷоҳил буд

چون بسنجیدمش او نیز چو من جاهل بود

Умри зулфи ту фузуни бод ки бо рӯй ту дӯш

عمر زلف تو فزون باد که با روی تو دوش

Мӯи бмў боз намӯд ончии маро дар дил буд

مو بمو باز نمود آنچه مرا در دل بود

Зоҳид аз баҳри худои пеша тақво нагирифт

زاهد از بهر خدا پیشۀ تقوی نگرفت

Ишқро бори гарони хоҷа чу ман коҳил буд

عشق را بار گران خواجه چو من کاهل بود

Гуфтам аз гум шудаи хеш нишоне ҷӯям

گفتم از گم شدۀ خویش نشانی جویم

Бар ҳар кас ки шудам бихўду лоиъқл буд

بر هر کس که شدم بیخود و لایعقل بود

Ногуҳ аз дайри баромади санамии бодаи фуруш

ناگه از دیر برآمد صنمی باده فروش

Ваа чгўим ки чаҳ фархундаи рухии мқбл буд

وه چگویم که چه فرخنده رخی مقبل بود

Пои пўии ман ва ӯ ҳар ду , з ҷо рафт валек ,

پایِ پویِ من و او هر دُو ، ز جا رفت ولیک،

Пой ӯ дар дили впои ман аз ӯ дар гул буд

پای او در دل وپای من از او در گل بود

ӯ равони гашт ва ман андари ақабаш дар таку пўӣ

او روان گشت و من اندر عقبش در تک و پوی

То бдирӣ ки дар он диргҳши манзил буд

تا بدیری که در آن دیرگهش منزل بود

Маҳфилӣ дидам ва дар ваии бодби мғбчгон

محفلی دیدم و در وی بادب مغبچگان

Бастаи саф дар бар перӣ ки дар онмҳФл буд

بسته صف در بر پیری که در آنمحفل بود

Пери ондири марои ҷом ҷамӣ дод казу

پیر آندیر مرا جام جمی داد کزو

Пеши чашм оина шуд , ончии марои мшгл буд

پیشِ چشم آینه شد ، آنچه مرا مشگل بود

Знки ойина дар онмӣ чу з дӯдам дидам

زنک آئینه در آنمی چو ز دودم دیدم

Кўнҳон дар дилу аинкўшши ман ботил буд

کونهان در دل و اینکوشش من باطل بود

Номи маҷнӯни зи ҷунун мштҳр омад нир

نام مجنون ز جنون مشتهر آمد نیر

Ҳам бад-ӣн раҳ шудӣ ар носеҳи мо оқил буд

هم بدین ره شدی ار ناصح ما عاقل بود