Умрӣ ки бе ту эй ма нўшод ме равад

عمری که بی‌تو ای مه نوشاد می‌رود

Сар дода хирманӣаст ки бар бод ме равад

سر داده خرمنی است که بر باد می‌رود

Давр аз канори ёри зи дарёии чашми ман

دور از کنار یار ز دریای چشم من

Равадӣ сети диҷла ки ба Бағдод ме равад

رودی‌ست دجلهٔ که به بغداد می‌رود

Ширин ба коми ҷӯӣу парвиз дар нишот

شیرین به کام‌جویی و پرویز در نشاط

Ғофили зи хӯн ки аз дил Фарҳод ме равад

غافل ز خون که از دل فرهاد می‌رود

Ҷузи ман баҳр ки майнигарӣ дар ҳузури ту

جز من بهر که می‌نگری در حضور تو

Афсурда хотир омад ва дилшод ме равад

افسرده‌خاطر آمد و دلشاد می‌رود

Мастона май хиромаду дил аз пеши давон

مستانه می‌خرامد و دل از پیش دوان

Оҳӯи нигар ки аз пай сайёд ме равад

آهو نگر که از پی صیاد می‌رود

Халқӣ ба доми баста ва худ ҳамчуи срўноз

خلقی به دام بسته و خود همچو سروناز

Бингар чигуна сари хуш ва озод ме равад

بنگر چگونه سر خوش و آزاد می‌رود