Бикаш эй дӯст надорем зи ҳукми ту гзир

بکش ای دوست نداریم ز حکم تو گزیر

Гар ба кеши ту гуноҳаст тараҳҳум бо сайр

گر به کیش تو گناه است ترحم با سیر

Дӯст бо ҷони ман он кард ки моҳӣ ба каттон

دوست با جان من آن کرد که ماهی به کتان

Ишқ бо сабри ман он кард ки оташ ба ҳарир

عشق با صبر من آن کرد که آتش به حریر

Гуфтам аз ҳасрати унноб лабат хоҳам мард

گفتم از حسرت عناب لبت خواهم مرد

Гуфт себи занахами байн ва дигар бори бимир

گفت سیب زنخم بین و دگر بار بمیر

Гар ба ҳукми сар зулфат нануҳум гардани тўъ

گر به حکم سر زلفت ننهم گردن طوع

Чаҳ кунам бо ки шикоят кунам аз дасти амир

چه کنم با که شکایت کنم از دست امیر

Сар шӯрида мапиндор ба худ боз ояд

سر شوریده مپندار به خود باز آید

То на зон ноқаи кокули шунӯди буии абир

تا نه زان ناقۀ کاکل شنود بوی عبیر

Ғоиб аз мо машав эй меҳри дурахшон ки ба умр

غایب از ما مشو ای مهر درخشان که به عمر

Бо чароғат натавон ёфт дар офоқи назир

با چراغت نتوان یافت در آفاق نظیر

Пои ман лангу сари об ба сад марҳалаи давр

پای من لنگ و سر آب به صد مرحله دور

Чаҳ кунад ташна намирад ба биёбони зи ҳҷир

چه کند تشنه نمیرد به بیابان ز هجیر

Ёрб ин хирмани гули чашми ҷаҳон сайр кунад

یارب این خرمن گل چشم جهان سیر کند

з чаҳ аз рӯй нашавад чашми ман длшдаҳи сайр

ز چه از روی نشود چشم من دلشده سیر

Дилбар омад басари куштаи худ лек чаҳ суд

دلبر آمد بسر کشته خود لیک چه سود

Табл вопас бизан аз шаст камон рафт чу тир

طبل واپس بزن از شست کمان رفت چو تیر

Тавқи мӯе ба биногваш зад ва гуфт бабўс

طوق مویی به بناگوش زد و گفت ببوس

Паии набардам ки ҳамон қисса чоҳасту зрир

پی نبردم که همان قصۀ چاهست و ضریر

Набши зин пеш мазан бар дилам аз новаки ноз

نبش زین پیش مزن بر دلم از ناوک ناز

эй ҷавон бахт биандеш зи оҳи дили пер

ای جوان بخت بیندیش ز آه دل پیر

Баъди марг ар шинавами буии ту аз боди сабо

بعد مرگ ار شنوم بوی تو از باد صبا

Он кунад бо ман хокӣ ки ба ёқӯби бшир

آن کند با من خاکی که به یعقوب بشیر

Ман ки дар гӯшаи абрӯии ту ҳабси назарам

من که در گوشۀ ابروی تو حبس نظرم

эй шҳншаҳи назар аз ҳабси назари бози мгир

ای شهنشه نظر از حبس نظر باز مگیر

Шеъри саъдии ҳамаи дилбанд ва малеҳаст валек

شعر سعدی همه دلبند و ملیح است ولیک

Нири анзми ту кӯи баради зи хоҷуу Заҳир

نیرّّ انظم تو کو برد ز خواجو و ظهیر

Лаби фурӯи банди зи нтшбиб ва барафшон дртоб

لب فرو بند ز نتشبیب و برافشان دُرتاب

зи санои шаҳи меҳри аФсроу ранги ғадир

ز ثنای شه مهر افسرا و رنگ غدیر

Нақши барад аз амали ойӣнаи ҳасани азал

نقش برد از عمل آیینهٔ حسن ازل

Ки зи нӯк қаламаш ёфт ҳиўлони тасвир

که ز نوک قلمش یافت هیولان تصویر

Дорам умед ки ҷурмам ба атои даргузарад

دارم امید که جرمم به عطا درگذرد

Ки худованд Каримасту шаҳи узрпазир

که خداوند کریم است و شه عذرپذیر