Чунон зи диққатами андешаи танг майдон шуд

چنان ز دقتم اندیشه تنگ میدان شد

Ки лафзу маънӣам аз табъ рӯй гардон шуд

که لفظ و معنیم از طبع روی گردان شد

Ба нардбони сухани пои Фкртми дармонд

به نردبان سخن پای فکرتم درماند

Ки бршўм ба сӯии поя эй ки натавон шуд

که برشوم به سوی پایه ای که نتوان شد

Саманди арса андешаам гумон набарӣ

سمند عرصه اندیشه ام گمان نبری

Казин сабаб ки ҳрўни гашти суст ҷавлон шуд

کزین سبب که حرون گشت سست جولان شد

Сухани зи пояи худ бартарӣ ҳаме талабед

سخن ز پایه خود برتری همی طلبید

Чу остона табъам бидид ҳайрон шуд

چو آستانه طبعم بدید حیران شد

Даҳони чашмаи бинбоштми з бе майлӣ

دهان چشمه بینباشتم ز بی میلی

Дамӣ ки даст зад Хизри об ҳайвон шуд

دمی که دست زد خضر آب حیوان شد

Буд чакидаи мағзи хиради ҷавоҳири ман

بود چکیده مغز خرد جواهر من

На қатрае ки ҳараҷ дар гулӯӣ Нитсаон шуд

نه قطره ای که حرج در گلوی نیسان شد

Тулӯъи аввали кайфияти камол ман аст

طلوع اول کیفیت کمال من است

Сухан ки нашъаи таркиби чор арқон шуд

سخن که نشئه ترکیب چار ارکان شد

зи бими диққату ислоҳи муфсидони сухан

ز بیم دقت و اصلاح مفسدان سخن

Ҳазор гӯ ҳар маънии насиб нисён шуд

هزار گو هر معنی نصیب نسیان شد

з гуфт вгўии касони хотирам чунон бигирифт

ز گفت وگوی کسان خاطرم چنان بگرفت

Ки лафз бар қади маънии тилисм ва зиндон шуд

که لفظ بر قد معنی طلسم و زندان شد

Гуласт хотири маънипазир ман гӯйӣ

گلست خاطر معنی پذیر من گویی

Ки то вазид насимӣ бирав парешон шуд

که تا وزید نسیمی برو پریشان شد

Ба гарму сарди тамӯзу хазон наме созам

به گرم و سرد تموز و خزان نمی سازم

Ки сина то ба лаб аз маънӣам гулистон шуд

که سینه تا به لب از معنیم گلستان شد

Забони бхоим ва назмӣ наёварам ба забон

زبان بخایم و نظمی نیاورم به زبان

Ки пеши назми касон боядам пушаймон шуд

که پیش نظم کسان بایدم پشیمان شد

Кунад нузули зи миъроҷи хотирами суханӣ

کند نزول ز معراج خاطرم سخنی

Ки носихи ҳамаи гуфторҳо чу қуръон шуд

که ناسخ همه گفتارها چو قرآن شد

Ҳазор шукр ки ҳаргизи набӯда бар хонам

هزار شکر که هرگز نبوده بر خوانم

Нўолаҳ эй ки хаҷал боядам з меҳмон шуд

نواله ای که خجل بایدم ز مهمان شد

Ба вақти даъвати ифтори Марями нутқам

به وقت دعوت افطار مریم نطقم

Ҳазор мӯъҷизи исо туфайлӣ хон шуд

هزار معجز عیسی طفیلی خوان شد

Диҳад баландии фитрат ба кори душворӣ

دهد بلندی فطرت به کار دشواری

Ки саҳл донад ҳар мушкилӣ ки осон шуд

که سهل داند هر مشکلی که آسان شد

Ба таъна чанд зи ёрони меҳрбони шинавам

به طعنه چند ز یاران مهربان شنوم

Ки шох сабз нигарадеду боғ вайрон шуд

که شاخ سبز نگردید و باغ ویران شد

Дар он баҳори зи боғам чаҳ тараф барбастам

در آن بهار ز باغم چه طرف بربستم

Ки бордори дарахтону мива алвон шуд

که باردار درختان و میوه الوان شد

Шароби ман ки ба ҷом ва сабу наме гунҷад

شراب من که به جام و سبو نمی گنجد

Бирезам ва нафурӯшам ки сахт арзон шуд

بریزم و نفروشم که سخت ارزان شد

Дар хазинаи хотир ба ғайри нгшоим

در خزینه خاطر به غیر نگشایم

Ки вақти ҳиммати соҳиби захира кон шуд

که وقت همت صاحب ذخیره کان شد

Кунад садафи бағали гӯш то гиребони пар

کند صدف بغل گوش تا گریبان پر

Ки дар нисори лаб аз номи хон хонон шуд

که در نثار لب از نام خان خانان شد

Зиҳии саҳоби беноне ки дафтари фармон

زهی سحاب بنانی که دفتر فرمان

зи ршҳаҳи қаламати чашмасор ҳайвон шуд

ز رشحه قلمت چشمه سار حیوان شد

Туро ҷаҳон ба нишони ваколати арзонӣ

تو را جهان به نشان وکالت ارزانی

Ситораи исти нигинат ки қутб даврон шуд

ستاره ایست نگینت که قطب دوران شد

зи шавқи номи ту аз сафҳа бугзарад таҳрир

ز شوق نام تو از صفحه بگذرد تحریر

зи хотами ту нишон то қафоӣ фармон шуд

ز خاتم تو نشان تا قفای فرمان شد

Таҳи мисол ба номи ту то музайяни гашт

ته مثال به نام تو تا مزین گشت

зи фахри номи ту унвони нома поён шуд

ز فخر نام تو عنوان نامه پایان شد

Ту осмонӣ ва ҳар рутбаи фаръи рутбаи тест

تو آسمانی و هر رتبه فرع رتبه تست

Ба худ биноз ки кайвони ҳам аз ту кайвон шуд

به خود بناز که کیوان هم از تو کیوان شد

Чаҳ шуд ки хома ба дастат гирифт ҷои синон ?

چه شد که خامه به دستت گرفت جای سنان؟

Асо ба дасти шубони чӯб буд събон шуд

عصا به دست شبان چوب بود ثعبان شد

Салоҳи кор накӯ шуд сипеҳри зоти ту ро

صلاح کار نکو شد سپهر ذات تو را

Ки аз муламмаъи кӯтоҳи малик урён шуд

که از ملمع کوتاه ملک عریان شد

Ки зеби мамлакати хеш дар ту май пӯшад

که زیب مملکت خویش در تو می پوشد

Сиррӣ ки доираи оламаш гиребон шуд

سری که دایره عالمش گریبان شد

Тўозъисти туро малик хостан варна

تواضعیست تو را ملک خواستن ورنه

Ба ҳикмати ин фалаки пойдор гардон шуд

به حکمت این فلک پایدار گردان شد

зи саҳми ханҷари гавҳари нисори ҳиндии тест

ز سهم خنجر گوهر نثار هندی تست

Ки ғарқи хӯни ҷигари кӯҳ дар Бадахшон шуд

که غرق خون جگر کوه در بدخشان شد

зи бими наъли шррбори Рахши саркаши тест

ز بیم نعل شرربار رخش سرکش تست

Ки шуъла дар ҷигари санги хора пинҳон шуд

که شعله در جگر سنگ خاره پنهان شد

Куҷо ки мураккаби азми ту рӯ ба фатҳ оварад

کجا که مرکب عزم تو رو به فتح آورد

Ҳазор сади Сикандари ғубор майдон шуд

هزار سد سکندر غبار میدان شد

Табораки аллоҳ азон бодпои олами гирд

تبارک الله ازان بادپای عالم گرد

Ки зин ӯ ба мисли маснад сулаймон шуд

که زین او به مثل مسند سلیمان شد

Фалаки зи ҳамла ӯ чун замин ба пушт афтод

فلک ز حمله او چون زمین به پشت افتاد

Замини зи шеҳа ӯ чун сипеҳр гардон шуд

زمین ز شیهه او چون سپهر گردان شد

Гуҳӣ ки тез шуд аз боди ҳамлаи оташ ӯ

گهی که تیز شد از باد حمله آتش او

Буруни зи чори ҷидори чаҳор арқон шуд

برون ز چار جدار چهار ارکان شد

зи чобукии сӯй мақсад бидон шитоб расед

ز چابکی سوی مقصد بدان شتاب رسید

Ки манзилии пас аз он сояаш намоён шуд

که منزلی پس از آن سایه اش نمایان شد

Хаёли шаб ба сахои ту моҷарое дошт

خیال شب به سخای تو ماجرایی داشت

Ки кори ман з ту хоҳад чигуна сомон шуд

که کار من ز تو خواهد چگونه سامان شد

зи шарҳи ҷӯад ту гуфтам рақам кунам суханӣ

ز شرح جود تو گفتم رقم کنم سخنی

Аномлм ба сари сафҳаи гавҳар афшон шуд

اناملم به سر صفحه گوهر افشان شد

Қиёси ҳавсила бо ршҳаҳ гуфтугӯ кардам

قیاس حوصله با رشحه گفتگو کردم

Даруни хонаи мӯрии ҳазор тӯфон шуд

درون خانه موری هزار طوفان شد

Саҳоби бахшишати андари замир ман бигузашт

سحاب بخششت اندر ضمیر من بگذشت

Лаболаб аз дар сероби баҳр Аммон шуд

لبالب از در سیراب بحر عمان شد

Кунун ба ковуши лутф ту ҳоҷатаст маро

کنون به کاوش لطف تو حاجتست مرا

Вагарнаи хотири ман баҳру ботинам кон шуд

وگرنه خاطر من بحر و باطنم کان شد

Ба дода карам аз ман назари дареғи мадор

به داده کرم از من نظر دریغ مدار

Гар эҳтиёҷ намонад орзӯ фаровон шуд

گر احتیاج نماند آرزو فراوان شد

Хаҷали зи бахшиш ва алтоф гаштаам аммо

خجل ز بخشش و الطاف گشته ام اما

Чаҳ созам аз ту тасаллӣ ба ҳеҷ натавон шуд

چه سازم از تو تسلی به هیچ نتوان شد

Ҳамеша файзи расон бо ҳамчуи абри баҳор

همیشه فیض رسان با همچو ابر بهار

Ки бар гули ту « назирӣ » ҳазордастон шуд

که بر گل تو «نظیری » هزاردستان شد