Гуҳари фуруши шиносади з дар баҳо кардан
گهر فروش شناسد ز در بها کردن
Ки музди ман натавонад касе адо кардан
که مزد من نتواند کسی ادا کردن
Сухан чу музд сухан ҳаст гӯ навол мабош
سخن چو مزد سخن هست گو نوال مباش
зи ганҷи ҷоиза ба дахли ошно кардан
ز گنج جایزه به دخل آشنا کردن
Шуд аз кусуфи карами тираи он чунон айём
شد از کسوف کرم تیره آن چنان ایام
Ки шуълаи рости зи ҳам хоҳиши зё кардан
که شعله راست ز هم خواهش ضیا کردن
зи баси фусурдагӣ боғ мекунам фарёд
ز بس فسردگی باغ می کنم فریاد
Ки булбулӣ ба ҳаво ояд аз наво кардан
که بلبلی به هوا آید از نوا کردن
эй авҷи сухани тӯтии Масеҳи мақол
همای اوج سخن طوطی مسیح مقال
Ки ме тавон ба суханҳоаш ҷони фидо кардан
که می توان به سخن هاش جان فدا کردن
Хдиўи назми саное ки дар мабодии фикр
خدیو نظم ثنایی که در مبادی فکر
Баланди гашти азуи пояи сано кардан
بلند گشت ازو پایه ثنا کردن
Зиҳӣ ба мӯъҷизи маънии эмоми аҳли сухан
زهی به معجز معنی امام اهل سخن
Масеҳро ба ту фарзаст иқтидо кардан
مسیح را به تو فرض است اقتدا کردن
Ба нисбати ту касе кӯи сухан адо накунад
به نسبت تو کسی کو سخن ادا نکند
Бибоядаш дигар он гуфтаро қазо кардан
ببایدش دگر آن گفته را قضا کردن
Туе ки дар чамани назми корхонаи тест
تویی که در چمن نظم کارخانه تست
зи мшги роиҳа дар домани сабо кардан
ز مشگ رایحه در دامن صبا کردن
Ба маҷлисӣ ки ту девон шеър бигушое
به مجلسی که تو دیوان شعر بگشایی
Сабо хаҷал шавад аз завқи ғунчаи вокрдн
صبا خجل شود از ذوق غنچه واکردن
зи арз ҷилва кунад гоҳи нутқи ту маънӣ
ز عرض جلوه کند گاه نطق تو معنی
Чунон ки шоҳиди мақсӯд дар дуо кардан
چنان که شاهد مقصود در دعا کردن
Ба зери пардаи назмати арӯси маънӣ ро
به زیر پرده نظمت عروس معنی را
зи ақди табъи лӣимон буд або кардан
ز عقد طبع لئیمان بود ابا کردن
Чу ноксши зи пай хостан биорояд
چو ناکسش ز پی خواستن بیاراید
Ба чашм ӯ натавон серума аз ҳаё кардан
به چشم او نتوان سرمه از حیا کردن
Ҳазор сол агар даст аҷз бигушоед
هزار سال اگر دست عجز بگشاید
зи абрӯяш гиреҳӣ мушкиласт вокрдн
ز ابرویش گرهی مشکلست واکردن
Валек ҳоҷати донодлон ба ҳазрат ӯ
ولیک حاجت دانادلان به حضرت او
Раво буд чу дуоҳои бериё кардан
روا بود چو دعاهای بی ریا کردن
Чу хасмро нарасад даст бар арӯси мурод
چو خصم را نرسد دست بر عروس مراد
Алоҷ ӯ набӯд ғайри ифтиро кардан
علاج او نبود غیر افترا کردن
Ҳамеша лавҳ ва қалам шоҳиданд бар суханат
همیشه لوح و قلم شاهدند بر سخنت
Ки хома ту нарафтаст бар хато кардан
که خامه تو نرفتست بر خطا کردن
Табораки аллоҳ азон хомаи шкргФтор
تبارک الله ازان خامه شکرگفتار
Ки ҳргаҳоваряш дар сухани адо кардан
که هرگه آوریش در سخن ادا کردن
Срир ӯ ба баёни фасеҳу фикри дақиқ
صریر او به بیان فصیح و فکر دقیق
Ба силки назми даройади паии Нидо кардан
به سلک نظم درآید پی ندا کردن
Сухани пноҳо дар маҷлисат « назирӣ » ро
سخن پناها در مجلست «نظیری » را
Буд з бе адабии баҳри шеъри ҷо кардан
بود ز بی ادبی بهر شعر جا کردن
Ба назд гавҳари назмати баёни намӯдани шеър
به نزد گوهر نظمت بیان نمودن شعر
Ҳадиси хок буд назд кимиё кардан
حدیث خاک بود نزد کیمیا کردن
Агар ба сӯии замир ту бугзарад фикрӣ
اگر به سوی ضمیر تو بگذرد فکری
Бибоядаш ба ду сад баҳри ошно кардан
ببایدش به دو صد بحر آشنا کردن
Чаҳ мӯъҷизаст надонам муҳӣти табъи ту ро
چه معجزست ندانم محیط طبع تو را
Ки бештар шавадаш моя аз ато кардан
که بیشتر شودش مایه از عطا کردن
Аду ки бо ту занад лофи шери чанголӣ
عدو که با تو زند لاف شیر چنگالی
Чу гурбаи зодаи худ боядаш ғизо кардан
چو گربه زاده خود بایدش غذا کردن
Ақиқи ноб буд қобили нишони сухан
عقیق ناب بود قابل نشان سخن
Нигин шаҳ насазад санги Асия кардан
نگین شه نسزد سنگ آسیا کردن
Ба дили рибои назмат чаҳ дар намонад хасм
به دل ربایی نظمت چه در نماند خصم
Ки ҷазба коҳ тавонад ба каҳрабо кардан
که جذبه کاه تواند به کهربا کردن
Вагар умед ба файзи зулол тарбият аст
وگر امید به فیض زلال تربیت است
Маро расад ба сухани даъвии бақо кардан
مرا رسد به سخن دعوی بقا کردن
Рақиби лобагарӣ гӯи зи кӯии дӯсти бабр
رقیب لابه گری گو ز کوی دوست ببر
Ки мушкиласт ҳикоят ба тарзи мо кардан
که مشکلست حکایت به طرز ما کردن
Ҳамеша то буд озодагони табъи ту ро
همیشه تا بود آزادگان طبع تو را
Бар осмони назар аз авҷи кибриё кардан
بر آسمان نظر از اوج کبریا کردن
Қади муониди назмати чунон хамида шавад
قد معاند نظمت چنان خمیده شود
Ки боядаш ба замини хомаро Асо кардан
که بایدش به زمین خامه را عصا کردن