Ҳарки нӯшед май шавқи ту нисёнаш нест
هرکه نوشید می شوق تو نسیانش نیست
Ваон ки маҳв ту шуд андеша ҳарамонаш нест
وان که محو تو شد اندیشه حرمانش نیست
Дил ба ҳасани ту муқайяд шуд ва ҷовид бимонад
دل به حسن تو مقید شد و جاوید بماند
Ки зи фикри ту бурун омадан осонаш нест
که ز فکر تو برون آمدن آسانش نیست
То ба кӣ фикр тавон карду сухан тоза навишт
تا به کی فکر توان کرد و سخن تازه نوشت
Қиссаи шавқ ҳадисӣаст ки пойонаш нест
قصه شوق حدیثی است که پایانش نیست
Ҳеҷ каси номаи сарбастаи мо фаҳм накард
هیچ کس نامه سربسته ما فهم نکرد
На ҳамин хотима аш нест ки унвонаш нест
نه همین خاتمهاش نیست که عنوانش نیست
Сабаб аз ақл мапурсед ки ғмномаҳи мо
سبب از عقل مپرسید که غمنامه ما
Дарс ишқаст ки аз илм , дабистонаш нест
درس عشق است که از علم، دبستانش نیست
Аз дилами раҳ ба дилат ишқ намӯдасту хушам
از دلم ره به دلت عشق نمودست و خوشم
Ки ба он хона дарӣ ҳаст ки дарбонаш нест
که به آن خانه دری هست که دربانش نیست
Роҳи дигар ба сӯии каъба аъробӣ ҳаст
راه دیگر به سوی کعبه اعرابی هست
Ки ғам аз сарзаниши хор муғелонаш нест
که غم از سرزنش خار مغیلانش نیست
Хотир ғайб намой ту магари ҷом ҷам аст
خاطر غیب نمای تو مگر جام جم است
Ки рухи ҳоли ман аз оина пинҳонаш нест
که رخ حال من از آینه پنهانش نیست
Сояи номаи ту , бол ҳумо ме монад
سایه نامه تو، بال هما میماند
Ҳудҳуди мо ки сари тоҷ салимонаш нест
هدهد ما که سر تاج سلیمانش نیست
Марди тоҷир ки зи ғурбат ба ватан ме ояд
مرد تاجر که ز غربت به وطن میآید
Тӯҳфа ӣӣ хубтар аз нома ихвонаш нест
تحفهیی خوب تر از نامه اخوانش نیست
Чун қалами гиря шодӣ кунам аз номаи дӯст
چون قلم گریه شادی کنم از نامه دوست
Ки ба ҷуз аз дили хандони мижа гарӣонаш нест
که به جز از دل خندان مژه گریانش نیست
Бас ки аз диққати фаҳми ту « назирӣ » бгдохт
بس که از دقت فهم تو «نظیری» بگداخت
Нукта Эй нест ки омехта бо ҷонаш нест
نکتهای نیست که آمیخته با جانش نیست