Биё ки мардум ва бар роҳи чашм ҷон бозаст

بیا که مردم و بر راه چشم جان بازست

Ба гуфтугӯии ту захми маро даҳон бозаст

به گفتگوی تو زخم مرا دهان بازست

Ба хӯни мо агарат майл ҳаст монеъ нест

به خون ما اگرت میل هست مانع نیست

Май муғонаи сиблат ва дар Муғон бозаст

می مغانه سبیل و در مغان بازست

Чу Юсуфии ту ки аз Мисри ҳасан чун ту касе

چو یوسفی تو که از مصر حسن چون تو کسی

Бурун наёмада то роҳ Корӯн бозаст

برون نیامده تا راه کارون بازست

Дар орзӯии нисори қудуми ту ҳамаи шаб

در آرزوی نثار قدوم تو همه شب

Гуҳари фуруши ду чашми маро дукон бозаст

گهر فروش دو چشم مرا دکان بازست

намеравад чу гурусна вале чаҳ суд аз ин

نمی رود چو گرسنه ولی چه سود از این

Ки хон васли пару даст миҳмон бозаст

که خوان وصل پر و دست میهمان بازست

Чу булбули қафасами ман азин чаҳ завқи маро

چو بلبل قفسم من ازین چه ذوق مرا

Ки гули шукуфта ва дарҳои бӯстон бозаст

که گل شکفته و درهای بوستان بازست

Самад ба ҷои санам бар забонам омада аст

صمد به جای صنم بر زبانم آمده است

Бутами фитодау зуннорам аз миён бозаст

بتم فتاده و زنارم از میان بازست

Дуо кунед ба вақти шаҳодатам ӯ ро

دعا کنید به وقت شهادتم او را

Ки он дамӣаст ки дарҳои осмон бозаст

که آن دمی است که درهای آسمان بازست

Макун шитоб « назирӣ » ба кори ҷони бозӣ

مکن شتاب «نظیری » به کار جان بازی

Ки чашми коршиносон кордон бозаст

که چشم کارشناسان کاردان بازست