Дил ки ҷамъаст ғам бесар ва сомонӣ нест

دل که جمعست غم بی سر و سامانی نیست

Фикри ҷамъият агар нест парешоне нест

فکر جمعیت اگر نیست پریشانی نیست

Байза дар ҷангали шаҳбоз наад тоири ман

بیضه در جنگل شهباز نهد طایر من

Дар фазойӣ ки манам бол ва проФшонӣ нест

در فضایی که منم بال و پرافشانی نیست

Гар кунам ёди зи бтхонаҳи маро айб макун

گر کنم یاد ز بتخانه مرا عیب مکن

Ҳар киро ҳуб ватан нест мусулмонӣ нест

هر که را حب وطن نیست مسلمانی نیست

Лоуболии шӯ ва дарёб фарохии нишот

لاابالی شو و دریاب فراخی نشاط

Чанд дар танагии машраб ки фаровонӣ нест

چند در تنگی مشرب که فراوانی نیست

Нест лиззати зи нзрбои базмӣ ки дар ӯ

نیست لذت ز نظربای بزمی که در او

Хандаи зери лабу гиря пинҳонӣ нест

خنده زیر لب و گریه پنهانی نیست

Тарки идбор ба тоҷи сари ҷам дӯхта анд

ترک ادبار به تاج سر جم دوخته اند

Ҳеҷ сар нест каши ин нил ба пешонӣ нест

هیچ سر نیست کش این نیل به پیشانی نیست

Бар дар хилвати мо фар ҳумо ме бахшанд

بر در خلوت ما فر هما می بخشند

Ҳудҳудиро ки ба сари тоҷ сулаймонӣ нест

هدهدی را که به سر تاج سلیمانی نیست

Табли дарвешии мо бар дар ҷовид заданд

طبل درویشی ما بر در جاوید زدند

Бар лаби боми биҷузи навбат султонӣ нест

بر لب بام بجز نوبت سلطانی نیست

Суҳбати оинаи табъон ба дамӣ тира шавад

صحبت آینه طبعان به دمی تیره شود

Дар чунин бзмгҳии ҷой гронҷонӣ нест

در چنین بزمگهی جای گرانجانی نیست

Ту ба маъмураи мисрӣ ва ман маҷнӯн ро

تو به معموره مصری و من مجنون را

Набард шавқ бидон кӯча ки вайронӣ нест

نبرد شوق بدان کوچه که ویرانی نیست

Аз фусуни донеи чашмони сиёҳӣ ки тўрост

از فسون دانی چشمان سیاهی که توراست

Сад « назирӣ » ба нигаҳи доштан арзонӣ нест

صد «نظیری » به نگه داشتن ارزانی نیست